जल्द ही बेल्हा से होकर वाराणसी जाने वाली ट्रेनें तेजी से सफर पूरा करने लगेंगी। सबकुछ ठीक ठाक रहा तो इलेक्ट्रिक इंजन से चलने वाली ट्रेनें रेलवे लाइन पर फर्राटा भरेंगीं। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। रेेलवे की ओर से दौड़ाए गए विद्युत लाइन में करंट भी दौड़ाया जा चुका है। जो कमियां मिली हैं उसे दुरुस्त करने का काम तेज गति से हो रहा है।
गौरीगंज से जंघई के बीच इलेक्ट्रिक लाइन बनकर तैयार हो चुकी है। कार्यदायी संस्था की ओर से इलेक्ट्रिक लाइन में विद्युत आपूर्ति भी बहाल कर कमियों को दूर करने का काम भी तेजी से किया जा रहा है। इलेक्ट्रिक लाइन में हाईवोल्टेज करंट दिन रात दौड़ रहा है। 15 से लेकर 20 दिसंबर के बीच गौरीगंज से जंघई के बीच में इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ाकर पहले ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद प्रतापगढ़ से चलने वाली वीपी पैसेंजर ट्रेन को इलेक्ट्रिक इंजन से रवाना किया जाएगा।
सूत्रों की मानें तो बनारस से गौरीगंज को जाने वाली मालगाड़ी के साथ कुछ एक्सप्रेस ट्रेन को इलेक्ट्रिक इंजन से चलाया जाएगा। डीजल इंजन कुछ ही ट्रेनों को लेकर रेलमार्ग से गुजरेगा। आरबीएनएल के प्रोजेक्ट मैनेजर मनीष शर्मा ने बताया कि 15 दिसंबर को काम पूरा करने के लिए लक्ष्य मिला था। केबल बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है। 15 को ही इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ाकर ट्रायल किया जाएगा। सबकुछ ठीक ठाक रहा तो इसके बाद इलेक्ट्रिक ट्रेनें गौरीगंज से जंघई होते हुए बनारस तक चलने लगेंगीं।