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धूल में सना शहर, सांस लेने में तकलीफ

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जोिला अस्पताल के सामने धूल से बचने को मास्क लगाये व्यापारी। - फोटो : PRATAPGARH
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शहर में दिनभर उड़ने वाली धूल के चलते लोगों का जीना मुहाल हो गया है। डॉक्टरों का कहना है कि धूल के कणों से आस्थमा के साथ ही कई तरह की बीमारियां घेर रही हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों और बच्चों को है, उनमेें निमोनिया और ब्रानकाइटिस की बीमारी बढ़ रही हैं।
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अस्थमा के मरीजों का दम घुट रहा है। आम लोगों में भी आंखों में जलन के साथ पानी बहने की समस्या बढ़ी है। चर्म रोग की चपेट में आ रहे हैं। अकेले जिला अस्पताल में हर रोज इन समस्याओं से पीड़ित सौ से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं।
नगरपालिका की लापरवाही के चलते इन दिनों पूरा शहर धूल से सना है। बरसात के दिनों में नाला निर्माण, फुटपाथ की इंटरलाकिंग और डिवाइडर बनाने के लिए की गई खुदाई के बाद अब चारों तरफ सड़कों पर धूल ही धूल है। इसके बाद भी नगर पालिका के अफसर लापरवाह बने हुए हैं। लंबे समय से बनी इस समस्या के चलते अब लोग तेजी से बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
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जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. मनोज खत्री ने बताया कि शहर में उड़ रही धूल के कारण लोगों को श्वांस लेने में तकलीफ हो रही है। कम उम्र के बच्चे और बुजुर्गों के फेफड़े पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।इस तरह की समस्याओं से पीड़ित लोगों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।
श्वांस, फेफड़े और चर्म रोग से पीड़ित सौ से भी अधिक मरीज प्रतिदिन अस्पताल पहुंच रहे हैं। उनका इलाज करने के साथ ही धूल से बचने और मास्क लगाने की सलाह दी जा रही है। आंखों में परेशानी होने पर नेत्र चिकित्सकों से संपर्क करने के लिए कहा जा रहा है।
अपना मोहल्ला बता दीजिए, पानी का छिडक़ाव करा दूंगा
शहर में दिन-रात उड़ रहे धूल के गुबार ने लोगों का सांस लेना दुश्वार कर रखा है, लेकिन नगर पालिका के अवर अभियंता एसएन सिंह अपनी बेतुकी बयानबाजी से बाज नहीं आ रहे हैं। उनका कहना है कि आप अपना मोहल्ला बता दें, जहां पानी का छिडक़ाव करा देता हूं। उन्हें शहर की जनता और उनके स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं है।
लोगों ने बंद की मार्निंगवॉक
शहर में दिन-रात उड़ रही धूल अब मुसीबत बनने लगी है। धूल से शहरियों को श्वांस लेने में तकलीफ होने लगी है। सबसे बुरा हाल भंगवाचुंगी से सदर बाजार चौराहे तक है। हाईवे की बदहाल दशा के चलते वाहनों के आवागमन से धूल का गुबार उड़ता रहता है। सर्दी शुरू होने के साथ ही जिले में वायु प्रदूषण बढ़ गया। वायु प्रदूषण में सबसे अधिक धूल के कण शामिल हैं।
अब तो लोगों ने सुबह के समय सड़क किनारे मार्निंगवॉक करना भी बंद कर दिया है। दहिलामऊ निवासी रवींद्र पांडेय, समीर, रोहित कुमार आदि का कहना है कि सड़कों पर धूल की वजह से मार्निंगवॉक बंद कर दिया है। कंपनी गार्डेन के करीब से गुजरने वाले वाहनों व निर्माण कार्य के चलते धूल का गुबार लगातार उड़ता रहता है।
जिला प्रशासन के अफसरों को भी होश नहीं
शहर में उड़ रही धूल से जिला प्रशासन के अफसरों को भी कोई मतलब नहीं है। अफसर खुद बंद गाड़ी में निकलते हैं और कार्यालय में पहुंचते ही केबिन में बंद हो जाते हैं। प्रशासन को आम शहरियों के दर्द से कोई लेना-देना नहीं है। अलबत्ता, सरकारी कार्यालयों के कर्मचारी जरूरी धूल फांक रहे हैं। दिनभर वह सफाई करते हुए अफसरों को कोसते रहते हैं।
धूल से अधिक होता है वायु प्रदूषण
शहर में वाहनों के फर्राटा भरने के दौरान उडने वाली धूल से वायु प्रदूषण अधिक होता है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड रायबरेली के मनीष तिवारी के मुताबिक दिवाली पर होने वाली आतिशबाजी से 20 से 25 फीसदी ही वायु प्रदूषण बढ़ता है। पराली से अधिक वायु प्रदूषण नहीं उत्पन्न होता जितना वाहनों के आवागमन के दौरान उडने वाली धूल से।
वाहनों के धुएं के साथ ही सडक़ों के किनारे मिट्टी की धूल उड़ती रहती है। शहर में भी यही समस्या बनी रहती है। वायु प्रदूषण के लिए 40 फीसदी से अधिक वाहन जिम्मेदार होते हैं। दिवाली पर होने वाली आतिशबाजी व वाहनों के धूल के कण मिल जाते हैं। जिससे धुंध छा जाती है।
ईओ का बेतुका जवाब
आप बताइए धूल उड़ रही है तो क्या किया जाए। चलिए देखते हैं, कुछ पानी का छिडक़ाव वगैरह कराते हैं।
शहर में सड़कों के किनारे नालियां, डिवाइडर बनाने के लिए खुदाई की गई है। इससे धूल का गुबार लगातार उड़ने की बात संज्ञान में आई है। पानी के छिड़काव के लिए नगर पालिका को पत्र लिखा जाएगा। विजयपाल सिंह, एसडीएम, सदर
शहर में उड़ रही धूल स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। इससे फेफड़े के संक्रमण के साथ नेत्र और चर्म रोग की दिक्कत आ रही है। बच्चों, बुजुर्गों के साथ अस्थमा के मरीजों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। लोगो को मास्क लगाकर बाहर निकलने की सलाह दी जा रही है। डा. मनोज खत्री, वरिष्ठ फिजिशियन, जिला अस्पताल

स्टेशन के समीप सड़क पर उड़ रही धूल से बचने को मुंह ढंके छात्र।- फोटो : PRATAPGARH

बाबागंज हनुमान मंदिर के सामने ट्रक गुजरने से उड़ रहा धूल का गुब्बार।- फोटो : PRATAPGARH

रोडवेज बस अड्डा जाने वाली जर्जर सड़क पर उड़ रही धूल।- फोटो : PRATAPGARH

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