रोडवेज बस अड्डे पर प्रयागराज जाने वाली बसों में बैठने को मशक्कत करते यात्री। संवाद
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यदि आप आज और कल बस से सफर करने की सोच रहे हैं तो इरादा बदल दें। क्योंकि गोरखपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित रैली के लिए रविवार से ही निगम की तीस बसें भेज दी गई हैं। जिसके चलते सहालग में सवारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिन भर यात्रियों को वाहन के लिए भटकना पड़ा।
प्रधानमंत्री की रैली के लिए प्रयागराज मंडल से 225 निगम की बसों की डिमांड की गई थी। पहले तो एआरएम से 15 बसों की डिमांड हुई मगर बाद यह संख्या 30 हो गई। आरएम का आदेश मिलने के बाद एआरएम पीके कटिहार ने आनन- फानन में खराब पड़ी बसों की मरम्मत कराकर रविवार को गोरखपुर के लिए रवाना कर दिया। यह बसें सोमवार व मंगलवार तक गोरखपुर में ही रहेंगी। बृहस्पतिवार से बसों का संचालन ठीक से शुरू होने की संभावना है।
एआरएम ने बताया कि अब उनके पास महज 30 बस बची हुई है। इन्हीं में से लंबी दूरी के साथ लखनऊ, कानपुर और प्रयागराज के साथ सुलतानपुर, फैैजाबाद और गोरखपुर के बीच में दौड़ाया जाएगा। हालांकि बस की कमी के चलते यात्रियों को परेशान होना पड़ सकता है। वैसे बस की समस्या पूरे प्रयागराज मंडल में रहेगी।
सहालग के चलते बसों की कमी होने के कारण रोडवेज बस अड्डे पर सुबह से देर शाम तक यात्री वाहन के लिए भटकते दिखे। तमाम यात्री घंटों इंतजार के बाद निराश होकर लौट गए। निजी बस चालक भी रोडवेज बस अड्डे पर वाहन खड़ा कर सवारियां भरते दिखे।
अनुबंधित बसों के सहारे यात्रियों का सफर पूरा कराएगा रोडवेज विभाग
निगम की 15 बसें बची हुई है। लंबी दूरी चलने वाली बसों को भी एआरएम ने पीएम के रैली में भेज दिया है। सात दिसंबर की रात तक बसों के लौटने की उम्मीद है। ऐसे में अब एआरएम के पास जो बस बची हुई है इनमें ज्यादातर खटारा है। जुगाड़ पर काम चलाया जा रहा है। ऐसे में इन बसों को प्रयागराज और लखनऊ के बीच जहां चलाया जाएगा वहीं अनुबंधित बसों के सहारे लंबी दूरी का सफर यात्रियों का तय कराया जाएगा।