जिले में कोरोना संक्रमण के दौरान दूसरी लहर में संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ी। तमाम ऐसे मरीज सामने आए जिनकी एंटीजन और आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव थी, लेकिन सीटी स्कैन कराने पर उनके फेफड़ों में संक्रमण का पता चला। ऐसे मरीजों की संख्या जिले में मिले कुल मरीजों की 15 फीसदी है, लेकिन इनका कहीं कोई रिकार्ड नहीं है। अलग-अलग अस्पतालों में ऐसे मरीजों का इलाज कराया गया।
जिले में कोविड मरीजों के लिए पुराने महिला अस्पताल में एलटू वार्ड बनाया गया था। जिसमें सौ मरीजों को रखने की क्षमता बताई गई। आईसीयू वार्ड बीस बेड का बना है। शहर के कई अस्पतालों में भी कोरोना लक्षण वाले मरीजों का उपचार किया जाता है। प्राइवेट अस्पताल संचालकों के अनुसार बहुत से ऐसे केस सामने आए जिनमें मरीज की एंटीजन और आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव थी। इसके बाद भी उनके फेफड़ों में काफी ज्यादा संक्रमण था। इसके लिए कोरोना के न्यू म्यूटेंट को कारण बताया गया। चिकित्सकों का कहना है कि नया म्यूटेंट सीधे फेफड़ों में पहुंच रहा है। इससे वह नाक या गले के सैंपल से ट्रेस नहीं हो पाता और एंटीजन और आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आ जाती है। इसलिए रिपोर्ट निगेटिव होने के बाद भी कोरोना के लक्षण दिखाई देने पर पांच से सात दिन के बीच सीटी स्कैन करा लेना चाहिए। जिससे संक्रमण होने पर समय से सही उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
ऐसे संक्रमितों का डाटा सरकारी आंकड़ों में उपलब्ध नहीं है। निजी अस्पतालों में भी ऐसा कोई रिकार्ड नहीं बनाया गया है। सरकारी रिकार्ड के मुताबिक, 15 जनवरी से 20 मई 2021 तक लगभग 10 हजार मरीजों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। ये सभी आरटीपीसीआर, एंटीजन और ट्रूनेट से हुई जांच में पकड़ में आए। इसके अलावा 15 फीसदी मरीजों में एक्सरे व सीटी स्कैन के जरिए संक्रमण की पुष्टि हुई। जिसका स्वास्थ्य विभाग के पास कोई रिकार्ड नहीं है।
संक्रमण न हो तब भी रहें आइसोलेट
जिला अस्पताल के चिकित्सक मनोज खत्री के मुताबिक जिनकी रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि नहीं हो रही है वह रिपोर्ट आने के बाद भी करीब सप्ताह भर अपने परिवार वालों से अलग रहते हुए आइसोलेट रहें। कोविड प्रोटोकाल का घर में भी पालन करें। इस अवधि में कोई तकलीफ होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करे और अपना सीटी स्कैन कराएं।
बेवजह घर से बाहर घूमना हो सकता है खतरनाक
कोविड संक्रमण की चपेट में आने वाले लोगों के आंकड़ों से समझा जा सकता है कि बेवजह घर से बाहरी घूमना कितना खतरनाक हो सकता है। आपके आसपास सामान्य दिखने वाला व्यक्ति जो अपनी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव देखकर बाहर घूम रहा है, वह भी वायरस का प्रसार कर सकता है। इसलिए बेवजह बाहर न घूमें। संक्रमित होकर ठीक हुए या रिपोर्ट में निगेटिव आए लोग भी बेवजह बाहर न घूमें।
सीटी स्कैन में संक्रमित मिलने वाले मरीजों का अलग से कोई डाटा नहीं है। सीटी स्कैन में वही मरीज पॉजिटिव आते थे, जिनकी तबीयत अधिक खराब होती थी। सीटी स्कैन में सामने आए कई मरीजों को उपचार के लिए प्रयागराज भी भेजा गया है।
-डा. एसके सिंह, जिला सर्विलांस प्रभारी