दीपोत्सव के दौरान पटाखे से जलने, सड़क हादसे, सीने में दर्द सहित सामान्य बीमारियों से निपटने के लिए जनपद के मेडिकल कॉलेज और सीएचसी, पीएचसी को 24 घंटे अलर्ट रखा गया है। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा देने को चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई। मेडिकल कॉलेज में दस बेड का बर्न वार्ड है। इसमें एक सर्जन सहित तीन चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ को 24 घंटे तैनात किया गया है।
प्रभारी सीएमओ डॉ. शबीब हैदर ने बताया कि दीपावली पर मेडिकल कालेज में चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। ताकि इमरजेंसी में किसी अप्रिय स्थिति से निपटने में कोई परेशानी न हो। दीपोत्सव के दौरान 24 घंटे चिकित्सक मौजूद रहेंगे। दीपावली पर पटाखे से जलने के लिए सर्जरी, हड्डी, मेडिसिन, नेत्र और चेस्ट फिजीशियन की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा सीएचसी के चिकित्सकों को अभी अलर्ट किया गया है। जले मरीजों को प्राथमिक उपचार करने को कहा गया है। गंभीर हालत में रेफर करने का निर्देश दिया गया है।
मेडिकल कॉलेज के सर्जन डॉ. केके तिवारी ने कहा कि दीपावली पर बच्चे अकेले पटाखे न चलाएं। अगर किसी तरह पटाखे से चलने पर घरेलू लेप, उपचार न करें। जलने वाले स्थान को पानी से अच्छी तरह धोएं। इसके बाद निकटतम चिकित्सक को दिखाएं। नेत्र सर्जन डॉ. विवेक त्रिपाठी ने कहा कि पटाखा फोड़ते समय आंख में जलन या फिर दर्द होने लगे तो रगड़ने से बचे। ठंडे पानी से आंखों की धुलाई करें। ज्यादा दिक्कत होने पर मेडिकल कॉलेज आए।