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अव्यवस्था देख भडक़े डीएम, पांच पर गिरी गाज

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जिला अस्पताल में डीएम के निरीक्षण के दौरान वार्ड से बाहर किये गये तीमारदार। - फोटो : PRATAPGARH
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अव्यवस्था देख भड़के डीएम, पांच पर गिरी गाज
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प्रतापगढ़। जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही द्वारा जिला व महिला अस्पताल के के ढाई घंटे निरीक्षण में हर ओर व्यवस्था की पोल खुलती नजर आई। लापरवाही पर एक स्वास्थ्य कर्मचारी की सेवा समाप्ति तो दो के निलंबन का आदेश डीएम ने दिया। तीन कर्मचारियों का मानदेय रोका। सीएमएस के साथ सीएमएसडी इंचार्ज से स्पष्टीकरण भी मांगा। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में अफरातफरी का माहौल देखने को मिला।
सोमवार दोपहर 12 बजे डीएम मार्कण्डेय शाही औचक निरीक्षण करने जिला अस्पताल पहुंचे। ओपीडी से लेकर वार्ड तक खमियां ही खमियां मिली। आईसीयू वार्ड में लटकता ताला और उसके बगल ह्दयरोग कक्ष के पास स्वास्थ्य कर्मचारी की बाइक खड़ी मिली। ओटी के बगल खिड़कियों पर पान का पीक देख डीएम का पारा गरम हो गया। उन्होंने सीएमएस से जवाब मांगा। सीएमएस कुछ बोल नहीं पाए। डीएम महिला सर्जिकल वार्ड पहुंचे। यहां मरीजों ने बताया कि डॉक्टर ऑपरेशन के नाम पर ढाई से तीन हजार रुपये लेते हैं। बाहर की दवा खरीदवाते हैं। सरकारी अस्पताल में सहूलियत नाम की कोई चीज नहीं है। मरीजों को मिलने वाला खाना और नाश्ता भी नहीं दिया जाता है। तीन साल पहले आए लाखों रुपये के किचन के सामान में जंग लग रहा है। उसे ताला बंद कर कमरे में रखा गया है। किचन का सामान डीएम चाहकर भी नहीं देख सके। सीएमएसडी इंचार्ज एसबी शुक्ला दवा स्टाक नहीं दिखा पाए। इससे डीएम नाराज हो गए। उन्होंने नाराजगी जताते हुए सीएमएस योगेन्द्र यति और चीफ फार्मासिस्ट एसबी शुक्ला को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्टोर इंचार्ज के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई करने को कहा। सीएमएस के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा। जिलाधिकारी ने दिव्यांग मेडिकल प्रमाण पत्र केन्द्र का भी निरीक्षण किया। जहां पर दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए प्राप्त आवेदन पत्र तीन महीने से अपलोड नही किये गये थे। जिलाधिकारी ने कम्प्यूटर आपरेटर सुधीर पांडेय की सेवा समाप्ति की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस कार्य में शिथिलता व लापरवाही बरतने पर डिप्टी सीएमओ सीपी शर्मा को चेतावनी दिया। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी किये जाने वाले कक्ष का भी निरीक्षण किया। 68 रुपये के बजाए यहां लोगों से सौ रुपये लिया जा रहा था। किसी को रशीद नहीं दिया जा रही थी। डीएम ने कनिष्ठ लिपिक राशिदा बेगम के विरुद्ध निलंबन की कार्यवाही करने को कहा। डीएम ने आशा ज्योति केंद्र का निरीक्षण किया। यहां पांच के बजाए एक भी बेड नहीं मिली। तीन कर्मचारी गायब थे। डीएम ने तीनों कर्मचारियों को अनुपस्थित दिखाते हुए कारण बताने और एक दिन का मानदेय रोकने के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया। जिला महिला अस्पताल के वार्डों व किचेन शेड का भी निरीक्षण किया। गंदगी देख कर्मचारियों को फटकार लगाई। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में मौजूद दवा के बारे में जानकारी लेकर आगे बढ़ गए।
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ओपीडी के पर्दे, बेडशीट गंदे
डीएम के निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि ओपीडी में लगे पर्दे, बेडशीट, चद्दर आदि बहुत ही गन्दे हैं। बीते कई माह से धुलाई नहीं किया गया है। मरीजों के बेड पर बिछने वाली चादर को प्रतिदिन के बजाए दूसरे या फिर तीसरे दिन बदला जाता है। चिल्ड्रेन वार्ड में लगी दो एसी वर्षो से खराब पड़ी है। इस पर भी डीएम ने नाराजगी जताई।
बगैर बनाए बनकर तैयार हो गया मरीजों का खाना
जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को खाना बनाने के लिए बने किचन की हकीकत जांचने के लिए डीएम खुद पहुंचे। यहां दोपहर दो बजे मरीजों का खाना जरूर रखा था, मगर किचन बीते तीन दिनों पहले साफ लग रहा था। किचन का चूल्हा कई माह पहले शायद जलाया गया होगा। घरेलू गैस सिलेंडर किचन में रखा हुआ था। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई और खाना कब बना है। सीएमएस से जानकारी मांगी। सीएमएस ने बताया कि अभी तत्काल खाना बना और वितरण किया जा रहा है। डीएम ने गैस चूल्हा जलाने के लिए कहा तो पता चला कि किचन में माचिस और लाइटर ही नहीं है। घरेलू सिलेंडर के प्रयोग पर उन्होंने सीएमएस को जेल भेजने की भी चेतावनी दी।
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डीएम की नहीं पड़ी नजर, अन्यथा सीएमएस पर हो जाता मुकदमा
जिलाधिकारी ने जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण तो जरूर किये मगर उनका ध्यान आयुष्मान भारत वार्ड की ओर नहीं पड़ा। आयुष्मान भारत वार्ड के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक बैनर रखा हुआ है। जहां बैनर को मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों ने पीकदान बना दिये हैं।

जिला अस्पताल के रसोई में लगा घरेलु गैस सिलेन्डर।- फोटो : PRATAPGARH

जिला अस्पताल में औचक निरीक्षण के दौरान मरीज से पूछताछ करते डीएम मार्कान्डेय शाही।- फोटो : PRATAPGARH

जिला अस्पताल में डीएम के निरीक्षण के दौरान मरीज द्वारा वार्ड में लगाया गया निजी पंखा।- फोटो : PRATAPGARH

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