डीएम संजीव रंजन ने मंगलवार को विभिन्न तहसीलों में 10 लोगों पर जमीन खरीदने के दौरान स्टांप शुल्क चोरी करने पर करीब 78 लाख रुपये का जुर्माना अदा करने का आदेश दिया। जिलाधिकारी ने जांच में पाया कि भूमि क्रय करने वाले आरोपियों ने कृषि भूमि का व्यवसायिक प्रयोग किया था। मामले की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व राघवेंद्र प्रताप सिंह ने की।
डीजीसीआर राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कुंडा तहसील क्षेत्र के बिहार सूबेदार का पुरवा गांव के लक्ष्मण सरोज ने 2160 वर्ग मीटर भूमि खरीदी थी। लेकिन उसने स्टांप शुल्क कम जमा किया। ऐसे में अब लक्ष्मण सरोज पर करीब 10 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। वहीं सदर तहसील के कटरा मेदनीगंज निवासी इशरत जहां ने 770 वर्ग मीटर भूमि खरीदी थी। स्टांप चोरी मिलने पर 2 लाख 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। पट्टी तहसील क्षेत्र के शिवपुरखुर्द गांव निवासी अरुण प्रताप सिंह, सिद्धांत तिवारी ने 680 वर्ग मीटर भूमिक्रय की थी। कम स्टांप शुल्क जमा करने पर 22 लाख रुपये का अर्थदंड जमा करना होगा।
कुंडा तहसील के बिहार सरियावां निवासी नदीम ने 516 वर्ग मीटर भूमि खरीदी थी। स्टांप चोरी मिलने पर 28 लाख रुपये का अर्थ दंड लगाया गया। पट्टी तहसील क्षेत्र के पूरे चंडी गांव के ऋषि कुमार, रीता, तनुज, सूर्य प्रकाश ने 310 वर्ग मीटर भूमि क्रय की थी। मानक के अनुसार कम स्टांप शुल्क जमा करने पर अब सभी पर तीन लाख 11 हजार रुपए अर्थदंड लगाया है।
कुंडा तहसील क्षेत्र के नई बाजार निवासी सीमा जायसवाल ने 154 वर्ग मीटर भूमि क्रय की थी। इन पर 7 लाख 76 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है। डीएम ने एक माह के भीतर अर्थदंड जमा करने का आदेश दिया। अर्थदंड के साथ ही साधारण ब्याज भी देय होगा।