छठ महापर्व संतान प्राप्ति, रोगमुक्ति और सुख सौभाग्य की कामना के लिए किया जाता है। यह कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर मनाया जाता है। कई महिला श्रद्धालुओं ने कामना पूरी होने के बाद इस बार व्रत की शुरूआत की है। पहली बार 36 घंटे निर्जला व्रत रखने वाली महिला व्रतियों में खासा उत्साह रहा। बेल्हा देवी घाट पहुंचकर विधि विधान से भगवान सूर्य को अर्ध्य देने के बाद छठी मइया का पूजन अर्चन किया।
पहली बार व्रत रखने वाली महिलाएं बोलीं
घर में छठ पूजा की परंपरा काफी दिनों से चली आ रही है। पहले व्रतियों की मदद करती थी, लेकिन इस बार व्रत कर रही हूं। निर्जला व्रत रखा है। छठी मइया की कृपा से परिवार में किसी चीज की कमी नहीं होगी।
कंचन सोनी
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छोटे भाई ने व्यापार में कदम बढ़ाया लेकिन आमदनी के बजाय घाटा ही हो रहा था। सुना था कि छठ मइया दुख दूर कर देती है। भाई के व्यापार वृद्धि के लिए छठ मइया से कामना की। अब उसका व्यापार अच्छा चल रहा है। कामना पूरी होने पर व्रत किया।
निशा सिंह
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छठ मइया के पूजन अर्चन में कई सालों से शामिल हो रही थी। इससे घर में सुख सौहार्द की पूर्ति हुई। इससे छठ मइया के प्रति आस्था और बढ़ गई। लोगों के पूजा पाठ को देखकर इस बार व्रत रखने का संकल्प लिया।
डिंपल शर्मा
बेल्हा देवी मंदिर के पास घर है। हर साल छठी मइया पूजन के लिए लोगों की भीड़ होती है। लोगों की आस्था को देखकर पूजन करने का मन हुआ। व्रत विधि के बारे में पता किया और पहली बार निर्जला व्रत रखकर भगवान सूर्य को अर्ध्य दिया।
पूजा तिवारी
डिंपल शर्मा।
डिंपल शर्मा।
डिंपल शर्मा।