मेडिकल कॉलेज में लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा हो रहा है। हॉस्पिटल इंफार्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम के तहत मेडिकल कॉलेज को डिजिटल किया गया है। मरीज अब ऑनलाइन जांच तथा पर्चा शुल्क जमा कर सकेंगे। ऐसे में मरीजों को लाइन में नहीं लगना होगा।
प्राचार्य डॉ.सलिल श्रीवास्तव के मुताबिक मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या बढ़ी है। हर रोज करीब तीन हजार लोग इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं। मरीजों की भीड़ के मद्देनजर पांच काउंटर बनाए गए हैं, जहां लंबी कतार लगती है। एक रुपये शुल्क के लिए फुटकर को लेकर भी काफी परेशानी होती है।
वहीं सर्जरी, प्लास्टर, ईसीजी तथा कुछ जांच के लिए मरीजों को शुल्क जमा करना पड़ता है। इसके लिए भी परेशानी होती है। इसे देखते हुए डिजिटल भुगतान की व्यवस्था की गई है। मरीज के डिजिटल भुगतान करते ही उसे पर्चा मिल जाएगा। इसी तरह आभा कार्ड भी बन जाएगा। इससे मरीजों को किसी प्रकार का कागज हाथ में लेकर डॉक्टर के पास नहीं जाना पड़ेगा। इसके अलावा यदि डॉक्टर जांच लिखते हैं तो तत्काल आनलाइन भुगतान कर मरीज जांच करा सकते हैं जिसकी रिपोर्ट भी मरीज के मोबाइल पर आ जाएगी।