डेंगू के प्रकोप ने मेडिकल कॉलेज की पोल खोल कर रख दी है। लापरवाही का आलम यह है कि वायरल बुखार के मरीजों को डेंगू संक्रमितों के साथ एक ही वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। इससे वायरल बुखार के मरीजों में डेंगू संक्रमण होने का खतरा बढ़ सकता है। मरीजों ने बताया की अस्पताल में कई लोगों को मच्छरदानी तक नहीं दी गई।
बेहतर चिकित्सीय सुविधा मुहैया कराने के लिए मेडिकल कॉलेज में डेंगू मरीजों के लिए अलग से दस बेड का एक वार्ड बनाया गया है। शनिवार दोपहर 12 बजे तक इस वार्ड में महज छह मरीज ही बचे और चार बेड खाली पड़े थे। इसके बावजूद अन्य छह डेेंगू के मरीजों का मेडिकल वार्ड में स्वास्थ्य विभाग इलाज कर रहा है। इन संक्रमितों को मच्छरदानी तक मुहैया नहीं कराई गई। जिम्मेदार अफसर इस ओर ध्यान तक नहीं दे रहे हैं। वहीं, ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. दीपिका केसरवानी ने बताया कि दिनभर में आए मरीजों को कुल छह यूनिट प्लेटलेट्स दिए गए हैं। अभी पर्याप्त मात्रा में प्लेटलेट्स उपलब्ध है।
इनसेट-
बिना मच्छरदानी भर्ती डेंगू संक्रमित बन रहे मुसीबत
जिला मलेरिया अधिकारी केपी द्विवेदी ने बताया कि शासन की स्पष्ट गाइड लाइन है कि डेंगू मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाया जाए और उसमें सिर्फ इन्हीं मरीजों को भर्ती किया जाए, वह भी मच्छरदानी युक्त बेड पर। एक ही वार्ड में डेंगू संक्रमित व अन्य मरीजों को भर्ती करने पर उनमें भी संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है। डेंगू संक्रमित को काटने वाला मच्छर यदि किसी अन्य व्यक्ति को काटता है, तो वह भी डेंगू संक्रमित हो जाएगा।
क्या बोले मरीज
मुझे बुखार हो रहा था। जांच कराने पर डेंगू की पुष्टि हुई। मेडिकल वार्ड में अन्य बुखार के रोगियों की तरह भर्ती किया गया है।
पिंजू, करनपुर
प्रयागराज में रहता हूं। बुखार होने पर घर आया। जांच कराने पर डेंगू होने की जानकारी हुई। चिकित्सक मेडिकल वार्ड में ही भर्ती हूं। मुझे मच्छरदानी नहीं मुहैया कराई गई।
विनोद यादव, जगेशरगंज
तेज बुखार हो रहा है। मेडिकल कॉलेज में जांच कराया तो पता चला कि डेंगू हो गया है। अन्य मरीजों की तरह मेडिकल वार्ड में भर्ती किया गया है।
अनुराग शुक्ल, तेजगढ़
-
मेडिकल वार्ड में जितने भी डेंगू के मरीज हैं, उन्हें तत्काल डेंगू वार्ड में शिफ्ट करा दिया जा रहा है। मरीजों के लिए मच्छरदानी की व्यवस्था भी की गई है। अन्य बुखार रोगियों के साथ डेंगू मरीज को रखना गलत है।
-डॉ. सौभाग्य प्रकाश, सीएमएस।