पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मिले शरीर पर चोट के निशान
बताया जाता है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोट के निशान मिलने की पुष्टि होने पर बेटियों ने बड़ी बहन और उसके पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर दी है। उनका कहना है कि जब तक मुकदमा दर्ज नहीं होगा तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। सूचना पाकर सीओ सीओ सदर अमरनाथ गुप्ता भारी पुलिस बल के साथ गांव में पहुंच गए हैं।
बता दें कि रमाकांत पांडेय की केवल तीन पुत्रियां ही हैं। तीनों में जमीन के बंटवारे हिस्से को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है। लोगो का कहना है की मृतक रमाकांत पांडेय की तीन बेटियों में सबसे बड़ी रेखा दूसरी बेटी शशी, व तीसरी बेटी अनुपम है। रमाकांत ने दो वर्ष पूर्व अपनी बड़ी बेटी रेखा को जेठवारा तिराहे पर बने करोड़ों की बिल्डिंग व दूसरी बेटी शशी को जेठवारा मान्धाता मोड़ पर बने मकान व फूलपुर प्रयागराज में ब्याही तीसरी बेटी अनुपम को बड़ी बेटी रेखा द्वारा दस लाख रुपये देने व खपरैलन का पुरवा की पैतृक संपत्ति को अपने भतीजे विकास को देने के फैसले का एक वसीयत नामा भी लिखा था।
संपत्ति वसीयत कराने का भी लगा आरोप
उनकी दूसरी बेटी शशि ने आरोप लगाया है कि उनकी बड़ी बेटी रेखा ने छह मई को उनके पिता रमाकांत से जबरन पूरी प्रॉपर्टी का अपने नाम वसीयत नामा लिखवाने के बाद अपने पति व बेटों संग मिलकर उनकी मारपीट कर हत्त्या कर दी। फिलहाल बेटियों द्वारा आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की जद्दोजहद के बाद बैक फुट पर आयी जेठवारा पुलिस ने उच्च अधिकारियों के आदेश के बाद हत्त्या का मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए श्रृंगवेरपुर धाम घाट लेकर रवाना हुए।