योगी सरकार में भी स्वास्थ्य विभाग के अफसर से लेकर कर्मचारी बदलने का नाम नहीं ले रहे हैं। स्वतंत्र प्रभार स्वास्थ्य मंत्री के गृह जनपद के जिला अस्पताल में एक बुजुर्ग ने अपने बीमार बेटी को कंधे पर लादकर इमरजेंसी से मेडिकल वार्ड पहुंचा। चिकित्सकों ने बगैर किसी सूई दवाई के उसे इलाहाबाद रेफर भी कर दिया। यहां फिर उसे यहीं करना पड़ा। यह देख लोग परेशान हो गए। योगी सरकार का लोग मजाक बनाने लगे। वहीं सीएमएस को इसकी जानकारी होने के बाद भी वे चुप्पी साधे बैठे रहे।
लालगंज कोतवाली के रामपुर बावली निवासी लवकुश नाथ पांडेय की बेटी रिया पांडेय (18) व बेटे अशुतोष की अचानक तबीयत खराब हो गई। दोनों को बारबार दौरा पड़ रहा था। इससे दोनों बेहोश हो जा रहे थे। लवकुश बेटा व बेटी को लेकर लालगंज सीएचसी पहुंचा। चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने रिया पांडेय को भर्ती कर उसे मेडिकल वार्ड भेज दिया। वहां तक ले जाने के लिए लवकुश को स्ट्रेचर तक नहीं मिला। इससे वह परेशान हो गया। बेहोशी की हालत में अपनी बेटी की जान बचाने के लिए पिता उसे अपने कंधे पर लाद लिया।
बेटी को लेकर वह किसी तरह गिरता पड़ता मेडिकल वार्ड पहुंचा। इसी बीच उसके बेटा गिरकर बेहोश हो गया। उसे भी किसी तरह से मेडिकल वार्ड में ले गया। यह सब होते हुए स्वास्थ्य कर्मचारी देख रहे थे लेकिन कोई उसकी मदद के लिए आगे नहीं आया। इन सबके बाद भी जिला अस्पताल के चिकित्सक रिया और उसके भाई का इलाज करने के बजाय दोनों को इलाहाबाद के लिए रेफर कर दिया। परेशान लवकुश मदद के लिए गुहार लगाता रहा। मगर स्वतंत्र प्रभार स्वास्थ्य मंत्री डा. महेन्द्र सिंह के गृहजनपद में डाक्टर से लेकर स्वास्थ्य कर्मचारी तक मनमानी पर उतारू हैं। इलाहाबाद ले जाने के लिए भ्ज्ञी लवकुश को कंधे पर बेटी को लादना पवड़ा।