बुखार से तप रहे बंदी की जिला जेल में मौत पर आक्रोशित आधे बंदियों ने शनिवार रात को ही खाना छोड़ दिया। रविवार की सुबह जेल में निरुद्ध सभी बंदी भूख हड़ताल का एलान कर बैरकों में हंगामा और तो़ड़फोड़ करने लगे। बवाल की आशंका को देखते हुए अधिकारी भारी पुलिस बल लेकर जेल पहुंचे। करीब आठ घंटे तक बंदियों से अफसरों की बातचीत के बाद बंदी खाना खाने के लिए राजी हुए। तब जाकर प्रशासन ने राहत की सांस ली।
जिला कारागार में चोरी के मामले में निरुद्ध बंदी सोनू पाठक (29) पुत्र भुवनचंद्र की शनिवार को जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। बंदियों का आरोप था कि उसका समय पर बेहतर इलाज कराया गया होता तो उसकी जान बच जाती। उसकी मौत से क्षुब्ध होकर करीब तीन सौ बंदियों ने शनिवार रात खाना नहीं खाया। रविवार सुबह तक जेल में निरुद्ध सभी बंदियों ने नाश्ता लेने से इंकार कर हंगामा शुरू कर दिया। सूत्रों की मानें तो बैरकों से बाहर निकले बंदी गोलचक्कर में रखे गमले समेत दूसरे सामान तोड़कर विरोध करने लगे। बंदियों को उग्र होता देख जेल प्रशासन ने मामले के बारे में जिला प्रशासन को अवगत कराया। इसके बाद अपर जिलाधिकारी सोमनाथ मौर्य, एसडीएम सदर पंकज वर्मा, एएसपी पश्चिमी बसंतलाल और सीओ सिटी राम आशीष यादव शहर कोतवाल व चौकी प्रभारियों को लेकर जेल पहुंचे। अधिकारियों ने हंगामा कर भूख हड़ताल करने वाले बंदियों से मुलाकात की। करीब आठ घंटे तक होने वाली बातचीत में बंदियों ने मांग रखी कि समय पर बंदियों का समुचित इलाज कराया जाए। अधिकारियों ने मांगों को पूरा करने का आश्वासन देकर बंदियों को मनाया।