कब्जा दिलाने पहुंची पुलिस और तहसीलदार लालगंज के होश उस समय उड़ गए जब महिला ने इसका विरोध करते हुए खुद पर मिट्टी का तेल उड़ेल लिया। यह देख पुलिस भी कुछ देर के लिए सन्न रह गई। जल्दी में महिला को सिपाहियों से पकड़वाया। महिला ने शोर मचाने लगी तो गांव की ही कुछ महिलाओं का भी सहारा लेने का प्रयास किया गया। बाद में उसे व उसकी बेटी को गाड़ी में बैठाकर थाने उठा लाए। इस दौरान फोटो खींच रहे एक अखबार के पत्रकार का कैमरा भी छीन लिया गया और उसके साथ ही अभद्रता की गई।
तहसील क्षेत्र के थाना संग्रामगढ़ लाला का पुरवा गांव निवासी सुखदेव पटेल ने बद्री विश्वकर्मा के घर का बैनामा कुछ वर्ष पूर्व लिया था। घर का आधा बैनामा तो हुआ लेकिन उसी में उसके भाई हीरालाल का भी परिवार रहता है। काफी दिन से घर पर कब्जे का प्रयास किया जा रहा था लेकिन बंटवारे की बात से मामला लटका हुआ था। रविवार को लालगंज तहसीलदार संतोष सोनकर व संग्रामगढ़ थानाध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी इसी घर पर कब्जा दिलवाने गए थे। आरोप है कि वह हीरालाल व उसके परिजनों की बात ही नहीं सुन रहे थे। उसका सामान घर से बाहर निकालने लगे तो उसने विरोध करना शुरू कर दिया। इस पर भी पुलिस नहीं मानी तो हीरालाल की पत्नी सुनीता ने खुद पर मिट्टी का तेल डाल लिया और माचिस जलाने के लिए दौड़ी।
यह देख एसओ संग्रामगढ़ के होश उड़ गए। वह सिपाहियों के लपककर उसके पास पहुंचे और उसे पकड़ लिया। इस पर शोर मचाने लगी तो उन्होंने आसपास की महिलाओं से उसे पकड़ने की बात कही। कुछ देर तो आसपास की महिलाओं ने उसे पकड़ा में उन्होंने भी छोड़ दिया। इस पर उन्होंने सिपाहियों से उसे व उसकी बेटी को गाड़ी में बैठाने के लिए कहा। सिपाहियों ने उसे व उसकी बेटी को गाड़ी में बैठाया। इस दौरान फोटो खींच रहे पन्नालाल गुप्ता का कैमरा छिनवा लिया और उनके साथ अभद्रता की गई। बताना आवश्यक है कि यह तहसील क्षेत्र कुंडा लगता है लेकिन तहसीलदार लालगंज मौके पर कब्जा दिलाने गए थे।
इस मामले में एसओ वीरेंद्र तिवारी ने बताया कि महिला ने खुद पर मिट्टी का तेल डाल लिया था। इसके चलते उसे पकड़ा गया। अभद्रता की बात गलत है। उधर लालगंज तहसीलदार संतोष सोनकर का कहना है कि कुंडा तहसीलदार कब्जा नहीं दिला पा रहे थे इसलिए उन्हें जाना पड़ा। इसके लिए एडीएम ने आदेश दिया था।