हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने शव ठिकाने लगाने की योजना बनाई। उन्हें पता था कि गांव के मदन सरोज ने अपने खेत की मिट्टी गंगा एक्सप्रेसवे के ठेकेदारों को बेची थी। वहां बने गहरे गड्ढे में करीब 10 से 12 फुट पानी भरा था। दोनों ने गड्ढे के एक किनारे फावड़े से खुदाई कर शव को दफना दिया।
उधर, बृजेंद्र के घर नहीं लौटने पर परिजन परेशान हो गए। बुधवार को उसके बड़े भाई वीरेंद्र सिंह ने संग्रामगढ़ थाने में तहरीर देकर भाई की तलाश करने की मांग की। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की। ग्रामीणों से पूछताछ के बाद पुलिस ने नीरज को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पूरी घटना की जानकारी दी।
नीरज की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में शामिल साहिल सरोज पुत्र राजकुमार निवासी महासिंहपुर को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने गड्ढे से बृजेंद्र का शव बरामद किया। साथ ही हत्या में प्रयुक्त रस्सी और फावड़ा भी बरामद किया गया। पांच भाइयों और एक बहन में बृजेंद्र सबसे छोटा था। उसकी मौत से परिवार में मातम पसरा है।