प्रतापगढ़। चार थानों के लिए सिरदर्द बने पांच हजार के इनामी बदमाश को पुलिस ने रविवार रात मुठभेड़ में धर दबोचा। लूट, हत्या और रंगदारी के मामले में वह फरार चल रहा था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस के साथ ही व्यापारियों ने भी राहत की सांस ली है। पुलिस उसके साथियों की भी तलाश कर रही है।
अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी तारिक मोहम्मद ने सोमवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि जेठवारा, संग्रामगढ़, लालगंज और महेशगंज पुलिस के लिए सिरदर्द बने पांच हजार के इनामी बदमाश श्यामू तिवारी उर्फ प्रभात कुमार पुत्र रमाशंकर निवासी पूरे निर्मलखुर्द थाना संग्रामगढ़ को अर्रो बाजार नहर पटरी के पास रविवार रात मुठभेड़ में पुलिस ने धर दबोचा। इसके पास से तमंचा, कारतूस बरामद हुआ है। बताया कि 18 दिसंबर 2014 की रात श्यामू अपने तीन साथियों के साथ बाबागंज ब्लॉक के सहायक लेखाकार ओंकारनाथ सिंह के सरकारी आवास पहुंचा। एक लाख रुपए की रंगदारी मांगी। रुपए नहीं देने पर कर्मचारी को भयभीत करने के लिए फायरिंग भी की।
इसके बाद भाग निकले। इसके अलावा बाबागंज स्थित बैंक मैनेजर वी लाल को भी रंगदारी के लिए धमकाया था। संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के कटरा दोहरा निवासी शिवशंकर पटेल की 15 जुलाई 2013 को हत्या भी श्यामू ने ही की थी। पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी थी। फरारी के चलते पुलिस ने उसके घर की कुर्की तक कर डाली। इसके अलावा लालगंज, महेशगंज, संग्रामगढ़ और जेठवारा क्षेत्र में व्यापारियों से वह रंगदारी वसूलता था। अब तक उसके ऊपर 11 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
ब्लॉककर्मी से रंगदारी मांगने में शामिल राहुल तिवारी निवासी भंगवा जेल में है जबकि डेरवा निवासी अतुल फरार चल रहा है। संग्रामगढ़ एसओ ने बताया कि घटना के बाद भले ही सभी अलग-अलग दिशा में भागते थे, लेकिन बाद में शेखपुर चौरास बाजार के करीब अड्डे पर जरूर पहुंच जाते थे। इसके बाद वहां से प्लान के तहत अलग-अलग दिशाओं में चले जाते थे। शातिर अपराधी को दबोचने वाले एसओ संग्रामगढ़ एमपी तिवारी, एसआई योगेश तिवारी व आरक्षी अजय मिश्रा को पांच हजार का इनाम दिया गया है।
चार थानों के लिए सिरदर्द बन चुका श्यामू तिवारी उर्फ प्रभात कुमार संग्रामगढ़ थाने का आठ नंबर हिस्ट्रीशीटर भी है। इसकी हिस्ट्रशीट पुलिस ने हत्या और लूट की घटनाओं के बाद खोली थी। एलआईसी अभिकर्ता कृष्णापाल निवासी राजापुर महेशगंज की हत्या कर उसने अपराध जगत में कदम रखा।
एएसपी पश्चिमी तारिक मोहम्मद ने बताया कि श्यामू के गैंग में करीब आठ सदस्य हैं। ये लोग व्यापारियों और दूसरे लोगों को डराकर रंगदारी मांगते थे। भय से व्यापारी उनकी मांग स्वीकार भी कर लेते थे। श्यामू ने जेठवारा, संग्रामगढ़, महेशगंज और लालगंज के कई व्यापारियों का नाम भी बताया है।