नगर कोतवाली के सराय बहेलिया में मंगलवार की सुबह दो पक्षों में जमीन के विवाद को लेकर मारपीट हो गई। आरोप है कि एक पक्ष ने हवाई फायरिंग भी की। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस के हाथ अवैध असलहा लग गया। दोनों पक्ष की ओर से एक दूसरे पर मारपीट करने और जान से मारने की नियत से फायरिंग करने का आरोप लगाया जाने लगा। मारपीट में दिव्यांग समेत सात लोग घायल हो गए थे। सभी को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया।
नगर कोतवाली के सराय बहेलिया निवासी रामजस (40) एक पैर से दिव्यांग है। रामजस का आरोप है कि उसका पड़ोसी रजनीकांत से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। रजनीकांत सीआरपीएफ का जवान है। इन दिनों उसकी तैनाती मेघालय में है। दो दिनों पहले वह छुट्टी पर घर आया है। बरसात के पानी के निकासी को लेकर मंगलवार की सुबह दोनों पक्षों के बीच कहा सुनी होने लगी। बात बढ़ी तो मारपीट शुरू हो गई। रामजस का आरोप है कि रजनीकांत ने अवैध असलहे से दो राउंड फायर किया।
हालांकि किसी को गोली नहीं लगी। असलहे को ले जाकर पुलिस को भी दे दिया। वहीं रजनीकांत का आरोप है कि रामजस ने फायर किया है और असलहा उसका है। पुलिस ने असलहे को कब्जे में ले लिया। घायल रामजस (45), उसकी पत्नी मीना देवी (40), सिंपल देवी (22) पत्नी शिव पूजन व प्रिती (40) पत्नी पारसनाथ को अस्पताल में भर्ती कराया गया। दूसरे पक्ष से रजनीकांत (30) पुत्र शिव मूरत व उसकी मां प्रभावती के साथ मीरा देवी (22) गंभीर रूप से घायल हो गई। दोनों पक्ष की महिलाएं कोतवाली पहुंच कर एक दूसरे के खिलाफ मारपीट और जानलेवा हमला करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। खबर लिखे जाने तक मुकदमा नहीं दर्ज हुआ था।
फायरिंग सुनती रही डायल 100 की टीम
सराय बहेलिया गांव में डायल 100 की टीम खड़ी थी। फायरिंग और मारपीट के दौरान हो रहे शोर शराबे की आवाज भी सुनी लेकिन मौके पर पहुंचना उचित नहीं समझा। जबकि किसी को भी गोली लग सकती थी। मगर पुलिस तब तक आगे अपना कदम नहीं बढ़ाया जब तक भुपियामऊ पुलिस मौके पर नहीं पहुंची।
दो माह पहले भी हुई थी मारपीट
दो माह पहले भी दोनों पक्ष में जमकर मारपीट हुई थी। मारपीट में उस समय भी दोनों पक्ष घायल हुए थे। मगर पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की थी। इसके चलते दोनों पक्षों के बीच तकरार बढ़ गई थी।