सांगीपुर बीडीओ और कर्मचारियों के खिलाफ क्रॉस केस नहीं होने और आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द होने के आश्वासन पर कर्मचारियों ने गुरुवार को अपना आन्दोलन समाप्त कर दिया। इधर, अधिवक्ताओं ने जिला प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है कि अगर , अधिवक्ता महीप सिंह पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आन्दोलन तेज किया जाएगा।
सांगीपुर ब्लॉक में 24 फरवरी को हुए बवाल को लेकर 29 फरवरी से राज्य कर्मचारी महासंघ का चल रहा आन्दोलन गुरुवार को समाप्त हो गया। सुबह से ही धरना स्थल पर जमा कर्मचारियों ने विकास भवन के प्रवेश द्वार पर ताला बंद कर दिया। इससे कोई भी अधिकारी और कर्मचारी अंदर नहीं घुसने पाया। शाम करीब पांच बजे डीएम डॉ. आदर्श सिंह, एसपी माधव प्रसाद वर्मा और सीडीओ महेंद्र बहादुर सिंह विकास भवन पहुंचे और कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि बीडीओ और कर्मचारियों के खिलाफ कोई क्रॉस केस नहीं होगा। साथ ही उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया।
डीएम के इस आश्वासन के बाद तीन दिन से चल रहा आन्दोलन समाप्त हो गया है। गुरुवार को धरना प्रदर्शन करने वालों में प्रमुख रूप से रामप्रकाश दुबे, वकील अहमद, मिथलेश सिंह, डीडीओ रमाकांत तिवारी, जनार्दन प्रसाद यादव, सुनील श्रीवास्तव, सुनील शुक्ला, मुकेश कुमार, सौरभ श्राीवास्तव, राजकुमार पांडेय आदि मौजूद रहे।
इधर ,अधिवक्ताओं ने चेताया है कि अगर कर्मचारियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आन्दोलन तेज किया जाएगा। अधिवक्ताओं ने सुबह न्यायिक कार्य से विरत रहकर जुलूस निकाला। सांगीपुर बीडीओ और कर्मचारियों की पिटाई करने के आरोपी राव वीरेंद्र सिंह के बचाव में अधिवक्ताओं के सभी संघ एक मंच पर आ गए हैं।