हत्यारों ने दरिंदगी की सभी हदें पार कर दीं। पुलिस खुलासा तो दूर आज तक मृतकाओं की शिनाख्त नहीं कर सकी। मौत के पांच माह बाद भी इन बेटियों को इंसाफ का इंतजार है। एक मामले में तो क्राइम ब्रांच ने एफआर भी लगा दी। अन्य मामलों की तफ्तीश भ्ाी भगवान भ्ारोसे ही है। ऐसे में इन बेटियों की मौत अनसुलझा राज बनकर रह गई...
नगर कोतवाली क्षेत्र में पीबी कॉलेज के करीब इसी साल 20 जुलाई की सुबह 17 वर्षीय किशोरी का अधजला शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। मौके से ही केरोसिन का डिब्बा व अधजला सरपत भी मिला। किशोरी के शरीर पर केवल अंत:वस्त्र थे। मौके की हालत देख्ाकर साफ थ्ाा कि कि दुष्कर्म के बाद हत्या कर पहचान छिपाने के लिए हत्यारों ने चेहरा जलाया था। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की। हालांकि आज तक उसकी पहचान नहीं हो सकी। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने के चलते बिसरा जांच के लिए भेजा गया। नगर कोतवाली पुलिस को दो दिन पहले बिसरा रिपोर्ट मिली। हालांकि पुलिस का कहना है कि मौत का कारण अब भी नहीं ज्ञात हो सका। क्राइम ब्रांच अभी भी मुकदमे की विवेचना कर रही है।
रानीगंज के डिघवट गांव में 15 जून 2016 को एक 25 वर्षीय अज्ञात युवती का शव जंगल में मिला था। गला दबाकर हत्या करने के साथ ही उसके शरीर पर तमाम चोट के निशान भी मिले थे। शिनाख्त नहीं होने के कारण ही पुलिस ने ही अंतिम संस्कार कर दिया। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने के चलते विसरा प्रिजर्व किया गया लापरवाही की हद देखिए कि ऐसे संगीन मामलों में भी पुलिस ने पि्रजर्व किया हुआ विसरा जांच के लिए प्रयोगशाला नहीं भेजा गया। खास बात यह है कि पुलिस ने कोई मुकदमा भी दर्ज नहीं किया। जबकि ऐसे में मामलों में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा लिखकर ही जांच शुरू की जानी चाहिए। लोगों का कहना है कि पुलिस युवती के कपड़ों से पहचान के लिए हाथ पांव चलाती तो निश्चित रूप से उसे सफलता मिलती।
हथिगवां में राष्ट्रीय राजमार्ग पर गंगा पुल के करीब जहानाबाद में 17 अप्रैल को इलाहाबाद की ओर से आए कार सवार लोगों ने बोरे में भरकर एक युवती की लाश फेंक दी। हत्यारों ने बोरे पर पेट्रोल डालकर आग भी लगाई, लेकिन लोगों की निगाह पड़ गई। वे दौड़े तो कार सवार भाग निकले। बोरा खोलने पर उसमें टी-शर्ट व जींस पहने एक 23 वर्षीय युवती का शव मिला। आशंका जताई गई कि दरिंदों ने गैंगरेप करने के बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। पहचान न हो पाने के चलते शव का अंतिम संस्कार कर दिया। हत्या समेत अन्य धाराओं में दर्ज मुकदमे की विवेचना पुलिस कर रही है, लेकिन अभी न तो शव की शिनाख्त हो सकी और न ही कार सवार दरिंदे ही पुलिस के हाथ लगे। एसओ का कहना है कि विवेचना जारी है।
नगर कोतवाली के संसारपुर में 26 दिसंबर 2014 को जंगल में एक किशोरी का अधजला शव मिला था। दरिंदों किशोरी के नाजुक अंगों में डंडा तक डाला गया था। शरीर पर अनगिनत चोट के निशान थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शिनाख्त के लिए कुछ दिनों तक प्रयास किया, लेकिन बाद में मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। लोगों ने नगर कोतवाली क्षेत्र से गायब दो किशोरियों के परिजनों पर संदेह जताया। यदि पुलिस मृतका व गायब किशोरियों के परिजनों का डीएनए टेस्ट कराया होता तो शायद मृतका की पहचान हो जाती और उसके साथ हैवानियत का खेल खेलने वालों को सजा भी मिलती, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। नगर कोतवाल हरिपाल सिंह यादव ने बताया कि क्राइम ब्रांच ने इस मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी है।