मनाही के बाद भी एक अप्रैल को दुकानों पर पुरानी शराब बेची गई। पुराने ठेकेदारों से हुई सेटिंग में आबकारी विभाग ने खेल कर दिया। ताकि उनका पुराना स्टाक बर्बाद न हो सके।
आबकारी विभाग ने हर साल 31 मार्च की तारीख तक ही पुराने स्टाक को बेचने का आदेश दे रखा है।
पहली अप्रैल से नए स्टाक की शराब दुकानों पर बिकनी चाहिए। इस बार ई-लाटरी के बाद बहुत सी दुकानों के ठेकेदार बदल गए हैं। नए लोगों को दुकानें मिली हैं। देशी, अंग्रेजी का पुराना स्टाक अधिकांश ठेकेदारों के पास भारी मात्रा में डंप पड़ा था। सूत्रों की मानें तो पहली अप्रैल से शराब के नए स्टाक के लिए ठेकेदार विभाग का चक्कर काटते रहे, लेकिन उन लोगों को पहली अप्रैल से पुरानी शराब बेचने के लिए मजबूर कर दिया गया। हार कर ठेकेदारों ने देशी व अंग्रेजी के पुरानी शराब बिक्री करते रहे।
जबकि शासन ने पुरानी शराब को बेचने से साफ मना कर रखा है। इसके बावजूद रविवार को नई दुकानों पर भी शराब का पुराना स्टाक बिकने के लिए पहुंचा। दिन भर उसकी बिक्री भी हुई। जिला आबकारी अधिकारी बच्चालाल ने बताया कि नया स्टाक मिल नहीं पाया था। इसलिए पुरानी शराब ही बिक्री के लिए उपलब्ध कराई गई। एक दो दिन में नया स्टाक उपलब्ध होने के बाद समस्या नहीं होगी।