भाई की शादी का निमंत्रण कार्ड रिश्तेदारी में बांटने निकले युवक और उसके साथी को बाइक सवार चार लोग उठा ले गए। परिजनों को फोन कर एक लाख रुपए की फिरौती मांगी। बेटे को आजाद कराने के लिए मां बीस हजार रुपए लेकर पहुंची तो उसके बेटे को अपहरणकर्ताओं ने मुक्त कर दिया। इसके बाद साथ आई पुलिस को देख आरोपियों ने कलावती के परिजनों पर हमला बोल दिया। पुलिस सभी को कोतवाली ले आई। पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों में उधार लेन-देन का मामला है।
अंतू थाना क्षेत्र के मझिलहा जगतपाल के पुत्र शमशेर का विवाह 27 अप्रैल को होना है। बड़े भाई की शादी का कार्ड रिश्तेदारों को बांटने के लिए कृष्ण कुमार बुधवार को परिचित की बाइक लेकर निकला। उसके साथ मोहनगंज का रहने वाला शानू भी था। शाम करीब सात बजे बाबागंज के करीब बाइक सवार पांच लोग पहुंचे और दोनों को तमंचे के बल पर धमकाकर बाइक पर बैठा लिया। आरोपी दोनों को कादीपुर जंगल में ले गए। पिटाई करने के बाद उसके घर फोन कर एक लाख रुपए फिरौती मांगी। आरोप है कि रात में दोनों को शहर के एक मकान में ले गए। मौका पाकर शानू आधी रात को भाग निकला। इसके बाद आरोपी कृष्ण कुमार को लेकर वापस कादीपुर जंगल आ गए। अगवा युवक की मां कलावती गुरुवार की सुबह बेटे के साथ कोतवाली पहुंची और मामले की जानकारी दी। उसके साथ गई पुलिस कादीपुर जंगल से पहले ही रुक गई।
पुल के पास पहुंचकर कलावती ने फोन किया तो दो युवक पहुंचे और उसे अपने साथ जंगल में ले गए। वहां बीस हजार रुपए देने पर उसके बेटे और बाइक को उसके हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस अपहरणकर्ताओं की तलाश में जंगल में घुसी। पुलिस को देख आरोपी भागने लगे। कलावती के साथ मौजूद लोगों ने दौड़ाकर एक युवक को दबोच लिया। यह देख करीब दर्जन भर की संख्या में युवक जंगल से निकले और पुलिस की मौजूदगी में सभी को पीटने लगे। इस दौरान कलावती का कपड़ा फट गया और उसे चोटें भी आईं। पुलिस सभी को कोतवाली ले आई। यहां पूछताछ के बाद कोतवाल बलिराम मिश्र ने बताया कि युवक ने दूसरे से रुपए उधार ले रखा है। इसी को लेकर अपहरण की साजिश रची गई। अभी घटना की छानबीन की जा रही है।