चंघईपुर निवासी देवेश सिंह उर्फ रोहित सिंह की खरवई में हत्या करने का एक आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस उससे घटना के सिलसिले में पूछताछ कर रही है। दूसरे दिन भी चंघईपुर से लेकर खरवई तक खाकी का सख्त पहरा रहा। पुलिस चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए चक्रमण करती रही। खरवई दलित बस्ती में सन्नाटा पसरा हुआ है और वहां से जले आशियाने की राख उड़ रही है। पुलिस ने हत्यारोपियों के रिश्तेदार की तहरीर पर पांच नामजद व अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मानधाता थाना क्षेत्र के चंघईपुर निवासी देवेश उर्फ रोहित सिंह पुत्र नारेंद्र सिंह की मंगलवार दोपहर खरवई में पृथ्वीपाल के घर के करीब दलितों ने लाठी डंडे से पीटकर अधमरा कर दिया। हत्या करने के बाद उसके मुंह तमंचा डालकर भेजा गोली से उड़ा दिया था। इससे आक्रोशित चंघईपुर के ग्रामीणों ने दलित बस्ती में धावा बोला और आधा दर्जन से अधिक घरों को आग के हवाले कर दिया। जिससे दलित बस्ती जलने लगी। चूंकि दूसरे घर दूर थे। इसलिए आग उन मकानों तक नहीं पहुंच सकी। हत्या के मामले में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर तलाश शुरू कर दी। बुधवार को हत्यारोपियों के रिश्तेदार मूलचंद्र की तहरीर पर पुलिस ने चंघईपुर के पांच लोगों के खिलाफ नामजद व आठ अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस ने हत्यारोपी मुन्नू को धर दबोचा। अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है। एसओ मानधाता ने बताया कि मुन्नू की गिरफ्तारी हो गई है। उससे घटना कारित करने का कारण समेत अन्य आरोपियों के ठिकानों को लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना के दूसरे दिन भी फतनपुर, बाघराय, मानधाता पुलिस के साथ ही पीएसी के जवान गांव में मुस्तैद हैं। वे चंघईपुर से लेकर खरवई तक चक्रमण करने के साथ ही आने जाने वाले लोगों पर निगाह रखे हुए हैं। हत्यारोपियों की बस्ती में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है। आग में जले आशियाने की राख हवा के झोके साथ उड़ रही है। भय के कारण पृथ्वीपाल के परिवार के अलावा दूसरे लोग भी घरों में नहीं लौटे।
कड़ी सुरक्षा के बीच शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए निकले परिजन
मानधाता थाना क्षेत्र के चंघईपुर निवासी देवेश उर्फ रोहित सिंह की मंगलवार को खरवई में हत्या कर दी गई थी। देर शाम शव पोस्टमार्टम के बाद घर भेज दिया गया। बुधवार की सुबह शव को परिजन अंतिम संस्कार के लिए लेकर इलाहाबाद रवाना हुए। बाघराय के प्रभारी एसओ के साथ ही पीएसी पीछे-पीछे चलती रही। देल्हूपुर बाजार लेकर लोग शव पहुंचे। इसके बाद वाहन से उसे ले जाया गया। पुलिस ने जनपद की सीमा तक शव को छोड़ा। दोनों गांवों में तनातनी के चलते पुलिस सक्रिय रही। अधिकारी भी बराबर जानकारी लेते रहे। मानधाता एसओ उमाशंकर यादव भी शव रवाना होने के दौरान पहुंचे। परिवार के लोग आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे। परिवार के लोगों के रोने बिलखने से ग्रामीण उत्तेजित हो जाते लेकिन बुजुर्ग सभी को समझाते नजर आए।
निर्मला की मौत को लेकर उड़ती रही अफवाह
मानधाता के खरवई में युवक की हत्या के बाद प्रतिशोध में आगजनी व मारपीट में घायल पृथ्वीपाल की पत्नी निर्मला को कल ही जिला अस्पताल लाया गया। जहां उसका उपचार चल रहा है। रात में उसके मरने का हल्ला मचता रहा। बुधवार को भी लोग उसके इलाज के दौरान मौत हो गई। इस बात का हल्ला खरवई तक पहुंचा। इससे वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने मामले की जानकारी अधिकारियों को दी। अधिकारियों के आदेश पर मकंद्रूगंज पुलिसकर्मी बराबर अस्पताल का चक्रमण करने के साथ ही निर्मला से जानकारी लेते रहे।
दरोगा की बहादुरी से टल गया बड़ा हादसा
खरवई की दलित बस्ती में आगजनी के दौरान मानधाता पुलिस मौके पर पहुंच गई। इस बीच मकानों में लगी आग बुझाने के दौरान गामा के मकान में गैस सिलेंडर के करीब आग लगी दिखी। यह देख दरोगा कल्बे अब्बास ने साहस का परिचय देते हुए बालू आग पर डालने लगे। जैसे ही आग बुझी। तुरंत सिलेंडर को कमरे से बाहर निकाला। यदि सिलेंडर तक आग पहुंचती तो बड़ी घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता था।