सऊदी अरब के रियाद शहर में फंसे राशिद को अब उसके कफील (मालिक) की धमकी मिल रही है। उसके करीबियों के पास वह संदेश भेजवा रहा है कि वह उसे इंडिया नहीं जाने देगा। इससे राशिद काफी सहमा हुआ है। परिवार के लोगों की निगाह अब विदेश मंत्रालय पर टिक गई है।
मानधाता थाना क्षेत्र के अमैयामऊ निवासी सामुद अली का बेटा राशिद 20 जुलाई 2013 को मुंबई से वीजा लेकर परिवार की बेहतरी जिंदगी के लिए सऊदी अरब गया था। उसे रियाद में रहने वाले कफील के यहां वाहन चलाना था। कुछ दिनों बाद कफील की मर्जी के मुताबिक दूसरी जगह नौकरी कर ली। कफील ने चार महीने की तनख्वाह रोकने के साथ ही उसके एकामा (एग्रीमेंट) के पेपर अपने पास रख लिए। हिन्दुस्तान के दूतावास को फर्जी सूचना दे दी कि राशिद उसके पास से भाग गया है। हकीकत में राशिद कहीं भागा नहीं था, लेकिन उसकी इस हरकत के बाद उसे दर-दर की ठोकरे खानी पड़ रही हैं। लुकाछिपी के खेल में वह थक चुका है।
वह अपने वतन आने के लिए परेशान है। उसने वीडियो क्लिप भेजकर परिवार के लोगों से देश की सरकार से गुहार लगाने को कहा। उसके एक साथी ने रविवार को रियाद से फोन पर बताया कि कफील राशिद को किसी भी कीमत पर घर जाने नहीं देना चाहता। राशिद की जान पहचान वालों के पास कफील संदेश भेज रहा है कि वह उसे हरगिज नहीं जाने देगा। इंडिया का दूतावास भले ही राशिद के लिए नुकसान की भरपाई की रकम जमा कर दे। इसके बावजूद वह उसे भारत नहीं जाने देगा। इस बात की जानकारी के बाद परिवार के लोग भयभीत हैं। उनकी निगाह अब विदेश मंत्रालय पर टिक गई है। बतादें कि शनिवार को एलायंस क्लब व नरेंद्र मोदी आईटी सेल ने जिलाधिकारी से परिवार के लोगों की मदद कराने के बाद प्रधानमंत्री व विदेश मंत्रालय पत्र भेजा है।