कोतवाली इलाके में शुक्रवार की रात महिला के पर्स लूटे जाने के मामले में डायल 100 की कार्रवाई जांच के घेरे में आ गई है। पीआरवी 312 ने दावा किया कि वारदात के चंद मिनट बाद उसने चार बदमाशों को गिरफ्तार कर उनसे लूटे गए 4500 रुपये, एक सोने का झुमका बरामद कर उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए थाना पुलिस को सौंप दिया है। डायल 100 के इस कारनामे को अखबारों में सुर्खियां मिलीं तो लूट की शिकार महिला थाने पहुंच गई। तब पता चला कि उसका पर्स लूटने वाले के नाम पर चार और लोग पकड़कर बेहतर वर्कआउट का प्रचार कर दिया गया।
बिहार, पूर्वी चंपारन की सुआना बेगम का मायका गोरखपुर राजघाट इलाके के तुर्कमानपुर में है। शुक्रवार की रात वह गरीब रथ ट्रेन से उतरने के बाद रिक्शे से आ रही थीं। रास्ते में एक बाइक सवार ने उनका पर्स छीन लिया। महिला ने पुलिस को सूचना दी तो डायल 100 की गाड़ी दौड़ी और गुडवर्क की प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा गया कि कुछ मिनटों में ही महिला का पर्स छीनने वाले चार लुटेेरे पकड़ लिए गए। अखबारों में इस आशय की खबर छपने के बाद रविवार को महिला खुश होकर थाने पहुंच गई।
थानेदार से वार्ता कर बरामद सामान के बारे में जानकारी मांगी। थानेदार खुद चक्कर में पड़ गए। उन्होंने बताया कि दरअसल पकड़े गए लोगों से पूछताछ की जा रही है, अभी तक उनके पास से कोई भी बरामदगी नहीं हुई है। इसके बाद थानेदार ने किसी तरह से महिला को जल्द वर्कआउट का भरोसा दिलाकर लौटा दिया। बताते हैं कि पुलिस जिन चार लोगों को लुटेरा बताकर पकड़ लाई, वे सड़क किनारे के एक ठेले को टेबल बनाकर अपनी महफिल सजाए बैठे थे।
मामले की जानकारी हुई है। जांच कराई जाएगी, जो दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- श्रीप्रकाश, नोडल अफसर, डायल 100