तहसील को मिली सूखा राहत राशि की होगी जांच
पट्टी तहसील के 149 गांवों को सूखा राहत रशि की फूटी कौड़ी भी नहीं दी गई। जिन गांवों में चेक बांटे भी गए हैं वहां कई लोग इससे वंचित रह गए हैं। अभी लगभग 54 लाख के चेक वितरित नहीं किए जा सके हैं। जो राशि वितरित की गई उसका आंकड़ा नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में जांच व कमिश्नर के दौरे की सूचना ने राजस्वकर्मियों की नींद उड़ा रखी है।
बीते वर्ष तूफान और ओलावृष्टि में नष्ट हुई फसलों के मुआवजे में शासन ने जिले को करोड़ों रुपये किसानों को राहत पहुंचाने के लिए आवंटित किए थे। इन सबके बावजूद तहसील के 149 गांवों में फूटी कौड़ी नहीं पहुंच पाई। एक ही परिवार के चार भाइयों में एक भुगतान हुआ तो तीन मुंह ताकते रह गए।
गांव में बड़े काश्तकारों को छोड़ दिया गया। सहायता राशि वितरण का कोई नियम व मानक ही नहीं बन सका। यही कारण है कि काफी लोग वंचित रह गए। इसके अलावा 54 लाख रुपये की धनराशि का भुगतान ही नहीं हो सका। क्योंकि ज्यादातर लोग परदेस में हैं। कुछ मृतक हैं। ऐसे में चेकों का भुगतान होना असंभव है। अब इस राशि का शासन द्वारा आडिट कराया जा रहा है। अनियमित रूप से वितरण के चलते इसकी सूची भी कायदे से नहीं बन रही। ऐसे में अब इसका मिलान करने में राजस्व कर्मियों के पसीने छूट रहे हैं। जो लोग अब तक पैसा नहीं पाए हैं वह अब भी पैसे की मांग करते हैं। इधर मंडलायुक्त के निरीक्षण की सूचना से भी हड़कंप मचा है।