पैर टूटने का इलाज कराने आए वृद्ध को पैसे के चलते जान देनी पड़ गई। मेडिकल स्टोर के अंदर चल रहे अस्पताल में उसका इलाज शुरू किया गया। परिजनों का कहना है कि जैसे ही उसे इंजेक्शन लगाया गया उसकी हालत खराब होने लगी। थोड़ी ही देर में वृृद्ध की मौत हो गई। इससे लोग आक्रोशित हो गए। जमकर हंगामा किया। बाद में थाने पहुुंचकर तहरीर दी। मौके पर पहुंची पुलिस शव के साथ ही परिजनों को थाने ले आई।
कोतवाली क्षेत्र के ताजपुर निवासी लक्ष्मीनारायण केशरवानी (75) का पैर टूट गया था। उसके बेटे सुधीर केशरवानी ने प्लास्टर कराया था। गुरुवार को लक्ष्मीनारायण ने बताया कि उसके पैर में दर्द ज्यादा हो रहा है। इस पर एम्बुलेंस बुलाकर उसे सीएचसी कुंडा में भर्ती कराया गया। चिकित्सक ओपी पटेल ने उसकी हालत देख एसआरएन के लिए रेफर कर दिया। इस पर अस्पताल का एक कर्मचारी उन्हें मिला और जनता मेडिकल स्टोर के अंदर चल रहे एक अस्पताल में लाकर इलाज शुरू कर दिया। बेटे सुधीर का कहना है कि उसके पिता का प्लास्टर काट दिया गया। इसके बाद फिर से प्लास्टर चढ़ाया गया। दर्द ज्यादा बढ़ा तो इंजेक्शन लगा दिया गया।
इंजेक्शन लगाने के बाद हालत और भी खराब होने लगी। उसने चिकित्सक से कहा तो उन्होंने कहा कि इतना होता है। बस थोड़ी ही देर में वृद्ध की मौत हो गई। इस पर परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। थोड़ी ही देर में काफी भीड़ इकट्ठी हो गई। परिजनों ने पुलिस को तहरीर दी तो पुलिस भी मौके पर पहुंची। जांच के बाद पुलिस शव के साथ ही परिजनों को थाने ले आई। देर शाम तक कोतवाली में पंचायत चलती रही। इस बारे में प्रभारी सीएचसी अधीक्षक डा.अमित दुबे का कहना है कि मरीज को भर्ती कराया गया था। रेफर कर दिया गया। कौन कर्मचारी मरीज को वहां ले गया। इसकी जानकारी नहीं है। अधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया गया है।