दूसरे के नाम पर कुछ लोगों ने लाखों रुपये के ऋण बैंक से करा लिए। शाखा प्रबंधक के ट्रांसफर होते ही भेद खुल गया है। बैंक के लोग ऋण लेने वाले के घर पहुंचे तो उसके होश उड़ गए। तीन अलग-अलग लोगों के नाम प्रकाश में आए हैं। इनमें से एक के नाम पर तीन व दो अन्य लोगों के नाम पर ढाई-ढाई लाख रुपये का ऋण लिया गया है। अभी जांच में और भी लोगों के नाम का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है। शिकायत पर बैंक के शाखा प्रबंधक ने इसकी जानकारी से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है।
यह मामला है पंजाब नेशनल बैंक का। इसके कुछ कर्मचारी दो जून को पूरे रूप बेंती निवासी अमरेश कुमार के घर पहुंचे और ऋण जमा करने की बात कहने लगे। इस पर उसके पैरों के नीचे जमीन खिसक गई। उसने बताया कि उसने कोई ऋण ही अब तक नहीं लिया है। बस उसका एक खाता ही पंजाब नेशनल बैंक में चल रहा है। बैंक कर्मचारी भी यह बात सुन ठगे रह गए। इसके चलते उसे साथ में लेकर शाखा पर आए। उसने लिखकर शाखा प्रबंधक से इसकी शिकायत की। इसके बाद इसी दिन साहिबापुर भदरी के अशोक कुमार गौतम के घर भी कर्मचारी पहुंचे। वहां भी वही हाल रहा अशोक को पता ही नहीं था कि उसके नाम से ढाई लाख रुपये का लोन है।
कुंडा के अनखोरिया निवासी सदाशिव पर भी ढाई लाख रुपये का लोन है। इन सभी ने बैंक के स्थानीय शाखा प्रबंधक को शिकायती पत्र देेकर इसकी जांच कराने की मांग की है। इस बारे में शाखा प्रबंधक उमेश कात्यायन का कहना है कि उन्होंने अभी-अभी बैंक का चार्ज संभाला है। यह ऋण पूर्व में किया गया है। शिकायत मिली है उच्चाधिािरयों को मामले से अवगत करा दिया गया है। जांच की जा रही है।