पहले इलाज कराने को लेकर कुछ तीमारदारों ने सोमवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में हंगामा करना शुरू कर दिया। तोडफ़ोड़ करने का प्रयास करने लगे। इस बीच मौका पाकर चिकित्सक और फार्मासिस्ट इमरजेंसी कक्ष छोडक़र भाग निकले। इससे दो घंटे तक इमरजेंसी सेवा बाधित रही। पुलिस के पहुंचने के बाद चिकित्सक पहुंचे और मरीजों का इलाज शुरू किया।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रविवार की रात कंधई क्षेत्र से चार मरीज आए थे। इस बीच हादसे में घायल दो लोग भी आ गए। चिकित्सकों ने घायलों का इलाज जैसे ही शुरू किया कि कंधई से आए लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
डॉक्टर अनुज चौरसिया ने बताया कि वह स्वास्थ्य कर्मचारियों को अपशब्द कहने लगे। कुर्सी और टेबल तोडने का प्रयास करने लगे। बवाल बढ़ते देख चिकित्सक और फार्मासिस्ट वहां से भाग निकले। इसके चलते इमरजेंसी सेवा करीब दो घंटे तक बाधित रही। सूचना पाकर पुलिस पहुंची। तब जाकर डाक्टरों ने इलाज शुरू किया। पुलिस के आने के पहले ही आरोपी भाग निकले।
कुछ तीमारदार थे, जो हंगामा कर रहे थे। कुर्सी तोडने जा रहे थे। इसके चलते डॉक्टर इमरजेंसी कक्ष छोडक़र बगल हो गए थे। पुलिस के आते ही चिकित्सक फिर से इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का इलाज शुरू कर दिए थे।
डॉक्टर संजय शर्मा, प्रभारी सीएमएस।