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आंधी-पानी के साथ गिरे ओले, छात्र की मौत

Tue, 01 May 2018 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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रविवार की आधी रात जिले में कई स्थानों पर आंधी-पानी के साथ ओले गिरे। आंधी के दौरान टीनशेड गिरने से छात्र की जान चली गई। शहर से लेकर गांव तक अफरातफरी मच गई। पट्टी, सदर व अंतू क्षेत्र के साथ शहर में भी ओले गिरे। आंधी से जगह-जगह पेड़ धराशाई हो गए। कई जगह तार टूट गए, इंसुलेटर क्षतिग्रस्त हो गए। शहर से लेकर गांव तक बिजली व्यवस्था बाधित हो गई। गेहूं की फसल भी ओले से खराब हो गई। करीब 150 गांवों की बत्ती गुल हो गई।  
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रविवार को दिनभर तेज धूप थी, मगर रात में अचानक मौसम बदलने लगा। रात करीब 1 बजे आंधी-पानी के साथ ओले गिरने लगे। तेज आवाज के साथ बिजली कडक़ने लगी। उदयपुर थाना क्षेत्र के पूरे स्वरूप मंगापुर निवासी नीरज (15) पुत्र बुधराम गौतम बूंदाबांदी देख परिवार के लोगों के साथ छत पर रखा गेहूं उतारने लगा। वह बोरियों में गेंहू भर रहा था। तभी पड़ोसी रामकरन के घर के सामने लगा टीनशेड तेज आंधी में उड़ता हुआ उसके सिर पर आ गिरा।

जिससे नीरज लहूलुहान होकर गिर पड़ा। आननफानन में परिजन उसे लेकर लिए सांगीपुर सीएचसी भागे। वहां से जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी सांसें थम गईं। परिजन शव लेकर घर लौटे तो कोहराम मच गया। दूसरी ओर पट्टी व सदर क्षेत्र में भी ओले गिरे। इससे गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। जगह-जगह पेड़ गिरने से बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई। जिससे रात मेें ही बिजली गुल हो गई।
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करीब 45 से 50 मिनट के आंधी, पानी व ओले से करीब 150 गांवों की बिजली गुल हो गई। पट्टी प्रतिनिधि के अुनसार हरिपुर बरदैता, पट्टी, करैला पावरहाउस, सैफाबाद, सदहा पावर हाउस यहां तक पट्टी टाउन की बिजली व्यवस्था रात से बाधित हुई तो सोमवार को दिनभर बहाल नहीं हो सकी। गिरे पेड़ों को काट-छांटकर किसी तरह आपूर्ति बहाल की गई। क्षतिग्रस्त इंसुलेटरों को भी दुरुस्त किया गया।  

दिनभर बिजली व्यवस्था को बहाल करने में विद्युत विभाग की टीम पसीना बहाती रही। हालांकि सेामवार को देर शाम काफी हद तक व्यवस्था पटरी पर आ चुकी थी। इधर सदर क्षेत्र में भी आंधी बारिश संग ओले गिरे। इससे किसानों की बेचैनी बढ़ गई। सुबह फसलों के नुकसान से किसान से परेशान दिखे। वहीं क्षेत्र संडवाचंद्रिका, मांधाता, लालगंज, कुंडा, रानीगंज क्षेत्र में भी तुफानी हवाओं संग रिमझिम बारिश हुई। इससे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।  

एंबुलेंस पहुंच जाती तो बच सकता था नीरज  
टीनशेड की चपेट में आने से आने से हुई छात्र नीरज की मौत के मामले में परिजनों ने स्वास्थ्य महकमे के कर्मचारियों को कटघरे में खड़ा किया है। मृतक नीरज गांव के करीब ही कक्षा आठ में पढ़ता था। परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद वह एंबुलेंस के लिए फोन करते रहे, लेकिन काफी देर तक एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। 
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