फतनपुर थाना क्षेत्र के पटहटिया कला गांव में शुक्रवार की रात एक महिला ने अपनी तेरह दिन की एक बच्ची को बोरे में भरकर तालाब में फेंक दिया। शनिवार को उसका शव बरामद कर लिया गया। पति के डांटने पर महिला ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। ग्रामीणों के मुताबिक तंगी के चलते उसने यह कदम उठाया। वह तीन बेटियों की परवरिश को लेकर चिंतित थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पटहटिया कला के सुनील कुमार चौरसिया की शादी जौनपुर जिले में मछलीशहर थाना क्षेत्र के परहटी निवासी लक्ष्मी चौरसिया के साथ हुई थी। ढाई वर्ष पहले लक्ष्मी ने एक बेटी को जन्म दिया। उसका नाम सिद्धी रखा। करीब छह माह पहले गर्भवती लक्ष्मी ने बेटी को परवरिश के लिए अपनी बहन के घर भेज दिया। तेरह दिन पहले लक्ष्मी ने जुड़वा बेटियों को जन्म दिया। जिनका नाम तनुष्का व अनुष्का रखा गया। तीन बेटियों के जन्म के बाद लक्ष्मी काफी तनाव में रहने लगी। शनिवार की भोर में सुनील की मां उठी तो देखा कि अनुष्का गायब है।
उस समय लक्ष्मी सो रही थी। शोर मचाने पर गांव के लोग उठ गए और बच्ची की खोजबीन करने लगे। बाद में पति सुनील को बर्तन धोने वाले स्थान से गायब ईंट को देखकर कुछ शक हुआ। ग्रामीण अनुष्का की खोजबीन तालाब में करने लगे। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद उसका शव बोरे में लिपटा हुआ तालाब के भीतर मिला। यह देख परिजन रोने बिलखने लगे। ग्रामीणों की मौजूदगी में सुनील अपनी पत्नी लक्ष्मी को डांटने लगा। ग्रामीणों के मुताबिक पूछताछ में लक्ष्मी ने माना कि उसने ही रात में अनुष्का को बोरे में भरकर तालाब में फेंका था। इसके पीछे वह कारण बताने लगी कि तीन बेटियों की परवरिश कैसे होती। किसी तरह घर का खर्च चलता है। पहले से ही एक बेटी है। उसका जवाब सुन लोग सन्न रह गए। सुनील की सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
फतनपुर के थानाध्यक्ष राजकिशोर ने बताया कि बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है । बच्ची को उसकी मां द्वारा ही जिंदा बोरे में भरकर तालाब में फेंकने की बात सामने आ रही है। अभी किसी ने तहरीर नहीं दी है। छानबीन की जा रही है। हर हाल में कार्रवाई होगी।