बस की छत पर रखे बोरे को क्लीनर के नीचे फेंकने के दौरान उसके नीचे दबने से गंभीर रूप से जख्मी हुए गुलरिया निवासी एक यात्री की मौत हो गई। यात्री खुदरा व्यापारी था वह अपनी दुकान का सामान लेने लखीमपुर गया था।
भीरा थाना क्षेत्र के गुलरिया निवासी सियाराम (45) गांवों में फेरी लगाकर फुटकर सामान बेचा करते हैं। शुक्रवार को सियाराम अपने पुत्र कन्हैया के साथ दुकान का सामान लेने लखीमपुर गए थे। लौटते समय वह बस पर अपना सामान लोड कराकर आ रहे थे। बस की छत पर कई दूसरे यात्रियों का सामान भी था। कहीं दूसरे स्थान पर उनका सामान न उतर जाए इसलिए सियाराम मालपुर में बस के रुकने पर नीचे उतर कर खड़े हो गए। इस बीच बस क्लीनर ने नीचे देखे बिना मालपुर में बस की छत से एक यात्री का बोरा नीचे फेंक दिया। क्लीनर के द्वारा फेंका गया बोरा बस के किनारे खड़े सियाराम के सिर पर गिरा जिससे सियाराम बेहोश होकर गिर गए। बस के स्टाफ ने बेहोश सियाराम को गुलरिया में उनके घर के सामने उतार कर दिया और चले गए। इस बीच सियाराम की हालत गंभीर होने पुत्र कन्हैया ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। भीरा पुलिस ने पुत्र कन्हैया की तहरीर पर बस वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहले भी हुए हादसे
गुलरिया के सियाराम की मौत बस स्टाफ की लापरवाही से हुई है। यह कोई पहली मौत नहीं है। कई साल पहले पड़रिया तुला में बस से फेंके गए टायर की चपेट में आने से एक ग्रामीण घायल हो गया था, बाद में उसकी मौत हो गई। बस यूनियन हर एक सामान का बाकायदा लोड बनाकर बुकिंग करती है लेकिन एहतियात बिल्कुल नहीं करती। अमूमन किसी बस में बस की छत से लोड उतारने के लिए रस्सा का इस्तेमाल नहीं होता। यात्री बताते हैं बस स्टाफ जल्दबाजी के चक्कर में बस की छतों का सामान ऊपर से फेंकवा देता है।