पुलिस चौकी से चंद कदम की दूरी पर दिनदहाड़े दंपति की गोली मारकर हत्या के विरोध में शनिवार को गड़वारा बाजार बंद रहा। परिवार के साथ ही ग्रामीण हत्यारोपियों की गिरफ्तारी, शस्त्र लाइसेंस और आर्थिक मदद की मांग कर रहे थे। एएसपी पूर्वी व सीओ सिटी की बात मानने से परिवार वालों ने इनकार कर दिया। दोपहर में पहुंचे एडीएम के आश्वासन पर परिजन शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुए।
अंतू थाना क्षेत्र के कुआं निवासी अधिवक्ता हेमंत व गड़वारा बाजार के रहने वाले सुशील उर्फ सुरेश सिंह के बीच जमीन को लेकर कई सालों से विवाद चला आ रहा था। शुक्रवार दोपहर जमीन पर कब्जा करने के दौरान सुरेश पक्ष के लोगों ने हेमंत के भतीजे दिनेश सिंह व उसकी पत्नी प्रीतम सिंह को गोलियों से भून दिया। रात करीब 11 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। दोहरे हत्याकांड से गड़वारा बाजार के व्यापारी भी आक्रोशित थे। घटना के विरोध में व्यापारी दुकानें बंद कर मृतक के घर पर डटे रहे। अंतू पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया। बाद में एएसपी पूर्णेंदु सिंह और सीओ सिटी अंजनी राय मौके पर पहुंचे लेकिन वे भी समझाने में विफल रहे। दोपहर बाद अपर जिलाधिकारी मनोज मृतक के घर पहुंचे। ग्रामीण 50 लाख आर्थिक सहायता, हत्यारोपियों की गिरफ्तारी और शस्त्र लाइसेंस की मांग कर रहे थे। एडीएम ने उनकी मांगों को को जिलाधिकारी के माध्यम से शासन तक पहुंचाने का आश्वासन देते हुए कहा कि मृतक को किसान बीमा योजना के तहत पांच लाख और शस्त्र लाइसेंस जल्द से जल्द उपलब्ध कराने के लिए वह प्रयास करेंगे। एडीएम के आश्वासन पर परिजन शवों को अंतिम संस्कार के लिए पैतृक गांव रामपुर प्रान ले गए। तब जाकर पुलिस अफसरों ने राहत की सांस ली।