कमिश्नर बनकर किसानों की राहत राशि पर डाका डालने वाले जालसाज समेत इलाहाबाद बैंक प्रबंधक के खिलाफ जिला प्रशासन ने मुकदमा दर्ज कराया है। जालसाज का बैंक खाता बिहार के वैशाली जनपद में ट्रेस हुआ है। कोतवाली पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच जालसाज को दबोचने के लिए बिहार कूच कर चुकी हैं।
बुधवार को कमिशभनर बनकर एक जालसाज ने सदर तहसीलदार चंद्रेश सिंह व रानीगंज तहसीलदार के पास फोन कर शासन से प्राप्त राहत राशि की जानकारी ली थी। इसके बाद दोनों तहसीलदारों से तीन-तीन लाख रुपये उसके बताए बैंक एकाउंट में ट्रांसफर करने को कहा था। उसके झांसे में रानीगंज के तहसीलदार आ गए। जालसाज ने सदर तहसीलदार से बैंक प्रबंधक का नंबर लेकर सीधे खाते में बैंक प्रबंधक से रुपये ट्रांसफर करने को कहा था। आरोप है कि जालसाज कमिश्नर की बात सुनते ही बैंक मैनेजर ने तीन लाख रुपये उसके खाते में ट्रांसफर भी कर दिए थे। इस बीच उसकी जालसाजी पकड़ ली गई।
हालांकि तब तक उसने अपने खाते में ट्रांसफर तीन लाख रुपए में से 40 हजार निकाल लिए थे। इस मामले में देर रात तहसीलदार सदर चंद्रेश सिंह की तहरीर पर इलाहाबाद के बैंक प्रबंधक व जालसाजी करने वाले युवक समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। रानीगंज तहसीलदार ने भी थाने में अज्ञात के खिलाफ भी धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बुधवार की रात ही क्राइम ब्रांच की टीम के साथ कोतवाली पुलिस भी जालसाजी करने वाले लोगों को दबोचने निकल गई। सूत्रों की मानें तो बिहार के वैशाली जनपद के स्टेट बैंक में रुपये जमा कराने वाले जालसाज का खाता है। वारदात को अंजाम देने वाला बीटेक का छात्र है।