वोडाफोन कंपनी की ओर से पांच लाख इनाम और बेटे की नौकरी मिलने का झांसा देकर शातिर ने एक व्यक्ति को लाखों का चूना लगा दिया। महीनों रुपये देने के बाद जब झांसेबाज का मोबाइल बंद हुआ, तब जाकर पीड़ित को रुपये डूबने का एहसास हुआ। हालांकि तब तक देर हो चुकी थी।
नगर कोतवाली के सरायसागर निवासी बृजेश कुमार शुक्ला के मोबाइल पर 15 मार्च को एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को वोडाफोन का डायरेक्टर सौरभ कुमार बताया। उसने कहा कि तुम्हारे इनाम के साढ़े पांच लाख रुपये निकले हैं और इसके साथ ही बेटे को कंपनी नौकरी भी दे रही है। इसके लिए उसे 5500 रुपये का ड्राफ्ट एक खाते में जमा करना होगा। इनाम और बेटे की नौकरी की लालच में आकर बृजेश कुमार ने खाते में रुपये जमा कर दिए। इसके बाद उसने फिर झांसा देकर बृजेश से खाते में अलग-अलग तिथियों में रुपये मंगाए। बृजेश ने उसकी बात मानते हुए एक लाख नौ हजार रुपये खाते में जमा कर दिए।
इस बीच सौरभ से उसने संपर्क किया तो उसने कहा कि वह खुद प्रतापगढ़ आ रहा है। उसे कंपनी का टॉवर भी मिल गया है। इसके लिए उसे पांच लाख रुपये तैयार रखने हाेंगे। मगर सौरभ नहीं और उसका मोबाइल भी बंद हो गया। परेशान बृजेश ने परिवार के लोगों को पूरी बात बताई। काफी दिनों तक उसकी तलाश भी लोग करते रहे, लेकिन वह नहीं मिला। इस मामले में बृजेश के पुत्र विवेक की तहरीर पर पुलिस ने सौरभ पटेल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।