पूर्व महाधिवक्ता एसएमए काजमी के ड्राइवर साबिर की आंखों के सामने हादसे का मंजर बार-बार घूमता रहता है। एसआरएन में होश में आने पर उसने बताया कि सफारी पूरी रफ्तार में थी और पीछे की सीट पर बैठे पूर्व महाधिवक्ता मुकदमे के सिलसिले में बात कर रहे थे। शमीम और वह खामोश थे।
अचानक काल बनकर बाइक सामने आई तो उसकी आंखों के सामने अंधेरा छा गया। उसने ब्रेक लगाते हुए सफारी को दाहिनी ओर काटा और उसके बाद क्या हुआ, उसे याद नहीं।
बात करते-करते वह कई बार खामोश भी हो जाता है। एसआरएन लाए जाने के बाद वह कई बार अचेत भी हुआ। उसको यह नहीं पता था कि पूर्व महाधिवक्ता की मौत हो चुकी है।
वह हालचाल लेने के लिए आने वालों से यह पूछता था कि साहब अब कैसे हैं, उनको ज्यादा चोट तो नहीं आई। हालांकि लोग उससे यही कहते थे कि उनका इलाज चल रहा है।