हाईवे पर चुनमुन पांडेय की गोली मारकर हत्या करने वालों की तलाश में मानधाता पुलिस भटक रही है। संदिग्ध नंबरों को ट्रेेस करने संग शूटरों की लोकेशन खंगालने में पुलिस को माथापच्ची करनी पड़ रही है। इलाहाबाद- फैजाबाद राजमार्ग पर मंगलवार को सदर बाजार निवासी कृष्णदेव पांडेय चुनमुन को प्राइवेट बस में घुसकर नकाबपोश बदमाशों ने गोलियों से भून दिया था। भागने के दौरान बदमाशों ने ईंट भट्ठा मालिक अशोक उर्फ राजू सिंह को भी गोली मारी थीं। उनका इलाज अभी भी इलाहाबाद में चल रहा है। चुनमुन के हत्यारों तक पहुंचने के लिए मानधाता व क्राइम ब्रांच की टीम उसके पास मिले नंबरों को खंगाल रही है। वह नंबर बंद चल रहा है जिस पर उसकी आखरी बार बातचीत हुई थी।
चुनमुन के विरोधी अपराधियों व शूटरों की लोकेशन खंगालने में पुलिस जुटी हुई है। संदिग्ध मोबाइल नंबरों का सीडीआर निकलवाने के बाद पुलिस संदिग्ध नंबरों को चिन्हित कर हत्या की गुत्थी सुलझाने में लगी है। शूटरों की तलाश में दबिश पर दबिश दे रही है। पुलिस गजेहड़ा इलाके के टॉवर को भी खंगाल रही है। खास बात यह है कि पुलिस मोबाइल से ही हत्या का राज खोलने की संभावना पाले हुए है। अब देखना यह है कि चुनमुन की हत्या करने वाले शातिरों को खोज पाने में पुलिस किस हद तक कामयाब होती है। एसओ मानधाता ने बताया कि चुनमुन की अनगिनत लोगों से दुश्मनी थी। ऐसे में किसी एक विरोधी को टारगेट बनाकर खुलासा करना संभव नहीं है। इसलिए पहले उसके विरोधियों की सूची बनाने के साथ ही घटना वाले दिन उससे मोबाइल पर बात करने वाले लोगों की खोजबीन की जा रही है।