थाना क्षेत्र के डोगीपुर गांव में रिश्तेदारी में आए दंपति ने 15 दिन की मासूम बच्ची को चुरा लिया। तांत्रिक के कहने पर वह उसे लेकर बलि देने के लिए नदी के किनारे पहुंच गए। यहां बच्ची रोने लगी। इस बीच कपड़ा बेचने वाले लोगों की निगाह दंपति पर पड़ गई। वे शोर मचाने लगे तो स्थानीय तमाम लोग पहुंच गए। किसी ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस दंपति को थाने उठा ले गई। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।
सांगीपुर थाना क्षेत्र के घुइसरनाथ निवासी पन्नलाल भूत-प्रेत की बाधा को लेकर डोगीपुर निवासी तांत्रिक जगदीश शुक्ला से झाडफ़ूंक करवा रहा था। दो दिन पहले वह अपनी पत्नी रेखा को लेकर उसकी बुआ के घर डोगीपुर स्थित संततलाल हरिजन के घर आया था। बताते हैं कि 15 दिन पहले संतलाल की बहू को बच्ची पैदा हुई थी।
तांत्रिक ने पन्नालाल से बताया था कि मानव बलि देने से भूत-प्रेत का संकट दूर हो जाता है। पन्नालाल व उसकी पत्नी रेखा ने रविवार की भोर संतलाल की 15 दिन की नातिन को चोरी कर लिया। यहां से दोनों उसे लेकर कांछा गांव स्थित लोनी नदी के किनारे पहुंच गए। यहां बलि देने के लिए तांत्रिक को बुलाया गया। तांत्रिक को आने में देर होने लगी। दोपहर हो गई तो बच्ची भूख-प्यास से तड़पने लगी। वह जोर-जोर से रोने लगी। इस बीच उस तरफ से गुजर रहे कपड़ा बेचने वाले लोगों के कान में बच्ची के रोने की आवाज पहुंची तो वे दंग रह गए। उन्होंने इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी। खबर मिलने पर भारी संख्या में लोग पहुुंच गए। पन्नालाल व रेखा को ग्रामीणों ने पकड़ लिया और पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस दोनों को पकड़कर थाने ले गई। पूछताछ के दौरान उन्होंने पूरी घटना की जानकारी दी। इस पर पुलिस तांत्रिक को भी पकड़कर थाने ले आई। वह बलि देने जैसी बातों से इनकार करने लगा। संतलाल की तहरीर पर पुलिस ने रिश्तेदार दंपति समेत तांत्रिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया।