मानधाता थाना क्षेत्र के पदमाकरपुर और तरौल गांव में रविवार को बवाल होते-होते बचा। जहां पदमाकरपुर में कहासुनी के दौरान फायरिंग की गई। वहीं तरौल में धार्मिक चबूतरा तोड़ने को लेकर दो वर्गों के लोग आमने-सामने हो गए। घटना को लेकर दोनों गांवों में भारी तनाव है। मौके पर पुलिस तैनात है।
पदमाकरपुर गांव में रविवार को बाबा तिवारी के घर पर कई लोग बैठकर पंचायत चुनाव को लेकर चर्चा कर रहे थे। तभी वहां प्रधानपति राजेश तिवारी पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो जले ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए चंदा एकत्र कर रहे लोगों से बाबा तिवारी की कुछ बातचीत होने लगी। तभी बीच में प्रधान पद के दावेदार रिजवान बोल पड़ा। इसे लेकर उन लोगों के बीच कहासुनी के दौरान हाथापाई होने लगी। तभी किसी ने फायर कर दिया। शोरशराबा सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े। लोगों ने पुलिस को भी सूचना दी। बवाल की आशंका को देखते हुए बाबा तिवारी ने रिजवान को अपने घर से जाने के लिए कहा। वह अपनी बाइक लेकर चला गया। कुछ देर में पुलिस पहुंची लेकिन कार्रवाई के बजाय वह निष्क्रिय बनी रही। इस घटना के बाद गांव में तनाव बरकरार है।
दूसरी ओर इसी थाना क्षेत्र के तरौल गांव में पीपल के पेड़ के नीचे काफी पुराना चबूतरा बना था। पीपल के पेड़ के बगल ही दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति का खेत था। रविवार दोपहर में वह कई लोगों के साथ पहुंचा और खेत की ओर बढ़ाए जा रहे चबूतरे को हटाना शुरू कर दिया। इस बीच गांव में तेजी से अफवाह फैली कि चबूतरा दूसरे वर्ग के लोगों ने तोड़ दिया है। यह सुनते ही बड़ी संख्या में लोग चबूतरे के पास पहुंचे। घटना की जानकारी मिलते ही एसओ रत्नेश कुमार सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। आक्रोशित लोगों को किसी तरह समझाबुझाकर शांत कराया। खेत की ओर क्षतिग्रस्त चबूतरे की मरम्मत कराई। दूसरे पक्ष की पुलिस ने खोजबीन की, लेकिन कोई मिला नहीं। घटना के बाद गांव में तनाव व्याप्त हो गया है। तनाव को देखते हुए गांव पर नजर रखने के लिए पुलिसकर्मियों को लगाया गया है।