मानधाता थाना क्षेत्र के तौकलपुर में बालक की मौत के बाद लोगों का आक्रोश देख पुलिस बवाल बचाने की कोशिश में लगी रही। हालांकि पुलिस की योजना कामयाब नहीं हो सकी और भारी बवाल हो गया। यदि पुलिस लोगों की मांग पर मुकदमा दर्ज कर लेती तो बवाल टाला जा सकता था।
शनिवार को बालक देशराज का शव तालाब में मिलने के बाद से ही परिजनों व ग्रामीणों में बदले की चिंगारी सुलग रही थी। लोगों ने आरोपी के घर पर धावा भी बोला। हालांकि पुलिस के चलते लोगों का मंसूबा सफल नहीं हो सका। शव पोस्टमार्टम को भेजने के बाद पुलिस को इस बात का एहसास हो गया था कि लोग बवाल करेंगे। इसके चलते सोमवार की सुबह से ही देल्हूपुर से लेकर मृतक बालक के घर तक पुलिस बल तैनात कर दिया गया। खुद एसडीएम रानीगंज और सीओ डीएल सुधीर देल्हूपुर चौकी पर बैठकर हालात पर नजर रखे हुए थे।
ग्रामीणों के बार-बार मुकदमा दर्ज करने की बात को पुलिस टालती रही। पुलिस का कहना था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। यही जिद बवाल का कारण बन गई। बवाल टालने के प्रयास में जुटी पुलिस खुद बवाल करा बैठी। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद खुद ही वाहन की व्यवस्था कराई। भिखनापुर के करीब से शव लेकर जा रहे वाहन को दूसरे रास्ते से तौकलपुर के लिए भेजा गया। इस दौरान वाहन में बैठे लोग नीचे उतर गए और पैदल ही देल्हूपुर बाजार पहुंचे। वहां पहले से बैठे लोगों ने मामला समझते ही उग्र रूप धारण कर उत्पात मचाना शुरू कर दिया।