शराब माफिया सुधाकर सिंह के राजनैतिक रसूख से जिले की पुलिस भय खाती है। आम लोगों के लिए खाकी का रूप जगजाहिर है, लेकिन अवैध शराब को लेकर दर्ज अनगिनत मुकदमों में पुलिस शराब माफिया को गिरफ्तार तक न कर सकी। जबकि वह कार्रवाई से महज कुछ दिनों पूर्व तक कुंडा व सदर सर्किल की पुलिस के साथ गलबहियां करते देखा गया है। उधर, बाबागंज प्रमुख पंकज सिंह के खिलाफ भी पहले अवैध शराब के संचालन के सिलसिले में मानधाता, संग्रामगढ़ में मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। अन्य आरोपियों के खिलाफ भी पहले पुलिस मुकदमे दर्ज कर चुकी है, लेकिन ऊंची पहुंची और सियासी रसूख के कारण कभी बड़ी कार्रवाई नहीं की गई।
पुरमई सुल्तानपुर निवासी सुधाकर सिंह अवैध शराब के काले कारोबारियों में शुमार है। पुलिस उसे अवैध शराब का सरगना तक घोषित कर चुकी है, लेकिन उसके राजनैतिक रसूख को देखकर जिले की पुलिस कार्रवाई का साहस तक न कर सकी। पुलिस के रिकार्ड के मुताबिक, सुधाकर सिंह के खिलाफ नगर कोतवाली, मानधाता, रानीगंज, अंतू, महेशगंज व संग्रामगढ़ थाने में कई मुकदमे अवैध शराब को लेकर दर्ज कराए गए हैं। अनगिनत मुकदमे दर्ज होने के बाद भी सुधाकर सिंह को पुलिस गिरफ्तार तक न कर सकी। कार्रवाई के कुछ दिनों पूर्व वह कुंडा, सदर सर्किल की पुलिस के साथ गलबहियां करते भी दिखा था।
उसके ऊपर किसका हाथ है, यह भी जगजाहिर है। शराब माफिया सुधाकर अपने राजनैतिक रसूख के बलबूते ही दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की अवैध शराब की काली कमाई से कर रहा है। इस बात को जिले की पुलिस भी भलीभांति जानती है, लेकिन उसके गिरेबान तक हाथ डालने से कतराती है। उसके साथियों पर भी अवैध शराब के मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। पूर्व एसपी अनंतदेव की कार्रवाई के दौरान अनूप सिंह ने जेल जाकर जमानत कराई, लेकिन सुधाकर न तो जेल गया और न ही जमानत कराई।