जिले में खाकी का खौफ बदमाशों से ही नहीं उतर रहा, बल्कि अब तो आम लोग भी उससे बेखौफ होते दिख रहे हैं। कुंभापुर के बाद गाबी महुआबन में पुलिस की मौजूदगी में जिस तरह उपद्रवियों ने तांडव मचाया इससे साफ लगता है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी केवल बैकफुट पर ही रहे। उपद्रवी बवाल करते रहे और पुलिस उनकी हरकत को मौन रहकर देखती रही।
बतादें कि शनिवार को गाबी महुआबन की घटना के बाद से ही लोग बड़े बवाल की आशंका जता रहे थे।
अधिकारियों तक बात पहुंची तो कोतवाल को सक्रियता बरतने का निर्देश भी मिला था, लेकिन वही हुआ जिसका आला अधिकारियों को भय था। प्रभारी कोतवाल सभाजीत मिश्र व चौकी प्रभारी की मौजूदगी में जिस तरह उपद्रवियों ने बस्ती में आग लगाई और तोड़फोड़ करते रहे, इससे साफ लगता है कि पुलिस केवल खानापूर्ति कर रही थी। यदि पुलिस बवालियों के मंसूबों को ध्वस्त करने की कोशिश की होती तो शायद बेगुनाहों के घर जलने से बच जाते। गौरतलब है कि हाल ही में सांगीपुर के कुंभापुर में प्रधान के घर कोटेदार की मौत के बाद उपद्रवियों ने ऐसा ही तांडव मचाया था। पुलिस की मौजूदगी में बवालियों ने प्रधान के घर में आग लगाकर लोगों को जिंदा जलाने की कोशिश की थी। पुलिस को उपद्रवी करीब फटकने तक नहीं दे रहे थे। यह घटना अभी लोगों के जेहन से नहीं निकली थी कि रविवार को फिर इसी तरह की घटना दुहरा दी गई। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटना से खाकी का खौफ कम होता जा रहा है।