फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेना भर्ती अभ्यर्थियों का हुड़दंग, ट्रेन-बसों पर किया कब्जा

Tue, 18 Oct 2016 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
विज्ञापन
न्‍यूूज
विज्ञापन
त्रिसुंडी में सीआरपीएफ कैंप में चल रही सेना भर्ती से लौट रहे अभ्यर्थियों ने मंगलवार को रेलवे स्टेशनों पर दिन भर हंगामा किया। ट्रेनों और बसों पर कब्जा कर लिया। विरोध करने पर मारपीट पर उतारू हो गए। ट्रेनों को जगह-जगह चेन पुलिंग करके रोक दिया गया। जिससे यात्रियों को काफी दिक्कतें आईं। वे डरे और सहमे रहे। अभ्यर्थियों पर पुलिस का भी नियंत्रण नहीं रहा। वे लोग केवल मूकदर्शक बने खड़े रहे।
विज्ञापन


17 से लेकर 28 अक्तूबर तक त्रिसुंडी रामगंज में सेना भर्ती का आयोजन किया गया। भर्ती में शामिल होने वाले अधिकांश अभ्यर्थियों के ट्रेनों से पहुंचने के  मद्देनजर रेलवे ने जीआरपी और आरपीएफ को मुस्तैद रहने को कहा है। जरूरत पड़ने पर बाहर की फोर्स भी मंगाने का निर्देश मिला हुआ है।मंगलवार को त्रिसुंडी कैंप में इलाहाबाद जिले की भर्ती थी। भर्ती में भाग लेेने के लिए हजारों की तादात में अभ्यर्थी कैंपमें पहुंचे थे। दौड़ में छंटने के बाद सैकड़ों अभ्यर्थी लौटने लगे। रास्ते में किराये को लेकर बस व जीप वालों से अभ्यर्थियों का जमकर विवाद हुआ। बस से उतरकर अभ्यर्थियों की भीड़ चिलबिला रेलवे स्टेशन पहुंची। 

देहरादून से वाराणसी जा रही जनता एक्सप्रेस को इलाहाबाद  पैसेंजर समझकर चढ़े अभ्यर्थियाें ने ट्रेन में जमकर हंगामा किया। यात्रियों के अनुसार जनता को प्रतापगढ़ स्टेशन तक पहुंचने से पहले चार बार चेन पुलिंग करके रोका। गाड़ी स्टेशन पर पहुंची तो यहां पहले से जमा अभ्यर्थी हुड़दंग चालू कर दिए। कानून-व्यवस्था के बिगड़ने के भय से जीआरपी ने सिविल पुलिस की मदद मांगी। एसपी के निर्देश के बाद पीएसी स्टेशन पर भेज दी गई। उसके बाद भी हुड़दंग नहीं रुका। दो घंटे विलंब से पहुंची 3006 पंजाब मेल के सामने अभ्यर्थियाें की भीड़ पटरी पर आकर खड़ी हो गई। सामने भीड़ खड़ी देखकर चालक के हाथ-पांव फूल गये। उसने ट्रेन को रोक दिया। ट्रेन चली तो लोगों ने चेन पुलिंग कर दी। आरपीएफ दरोगा एपी यादव मयफोर्स के दौड़े। उसके बाद छात्रों को हटाकर ट्रेन को रवाना किया गया।
विज्ञापन


छावनी बना स्टेशन, होता रहा हंगामा
सुरक्षा की दृष्टि से प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन छावनी बना रहा। जीआरपी, आरपीएफ के अलावा पीएसी के जवान भी मुस्तैद थे। मगर इतनी फोर्स के बावजूद भी हंगामा बंद नहीं हो रहा था। प्लेटफार्म, इंक्वायरी, वेटिंग हाल में इनकी भीड़ से यात्री परेशान थे। ट्रेनों में चढ़ने के बाद अभ्यर्थियों से टिकट मांगने की जुर्रत टीटीई स्टाफ नहीं कर सका। वह चुपचाप एक कोने में खड़ा था। ट्रेन स्कॉर्ट की भी यही स्थिति थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें