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ठीक से जांच लें, कहीं फर्जी तो नहीं आपका अनारक्षित टिकट

Sat, 03 Sep 2016 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
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फाइल फोटो
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ट्रेन का अनारक्षित टिकट लेते वक्त अलर्ट रहें। हो सकता है कि आपका टिकट जाली हो। दरअसल हाल ही में पुणे में अनारक्षित टिकट के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ जिसमें एक गैंग शामिल था। आशंका है कि कि इस तरह का फर्जीवाड़ा यहां भी हो सकता है। ऐसे में जिले में जेटीबीएस काउंटर से जारी टिकटों की गहनता से चेकिंग की जा रही है।
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जेटीबीएस से जारी होने वाले अनारक्षित टिकट के नाम पर यात्रियों को फर्जी टिकट थमाने के खेल का खुलासा पुणे और नागपुर में सामने आया था। कमीशन पर काम करने वाले जेटीबीएस काउंटर संचालकों ने रेलवे को करोड़ों का चूना लगाया। ये बाहर से छपवाए गए जाली टिकटों को बेच रहे थे। जब तक रेलवे को जानकारी होती, तब तक फ्राड गैंग का संचालक और उसके गुर्गे फरार हो चुके थे।

रेल प्रशासन को आशंका है कि फरार गैंग का नेटवर्क कई जिलों में हो सकता है। ऐसे में रेलवे वाणिज्य अधिकारियों की टीम जेटीबीएस काउंटरों पर निगाह गड़ाए हुए है। प्रतापगढ़ में भी अलर्ट मैसेज आने पर अफसर सक्रिय हो गए हैं। सीआईटी रविभूषण सिन्हा ने बताया कि निर्देश के तहत जेटीबीएस से जारी टिकटों पर खास नजर रखी जा रही है।
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विशेष कोड से करेंगे नकली टिकट की पहचान
बाहर के प्रिटिंग प्रेस से छपे जाली और रेलवे के असली यूटीएस टिकटों की छपाई हूबहू एक ही तरह की है। अंतर है तो केवल टिकट के ऊपर लिखे नंबरों का। बाहर से टिकट लेने वाला यात्री इस नंबर को नहीं पहचान सकता है। मगर रेलकर्मचारी दोनों टिकटों के इस अंतर को पहचान कर असली और नकली का फर्क कर सकते हैं। जाली टिकट पकड़ने के लिए चेकिंग स्टाफ को नंबरों का एक विशेष कोड दिया गया है। जो टिकट चेक करते समय उस नंबर का मिलान करता है। अगर वह नंबर मिल जाता है तो टिकट जाली है।
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