सांगीपुर के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में कर्मचारियों की लापरवाही के चलते पंजीकरण फार्म नहीं भरे जाने से एक छात्रा का भविष्य चौपट हो गया। ऊपर से छात्रा को समझाने के बजाय डांटकर कक्षा से निकाल दिया गया और उसके विद्यालय आने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। प्रधानाचार्या के इस तुगलकी फरमान से परिनजों में आक्रोश पनप उठा है। कोई रास्ता नहीं निकलने पर परिजनों ने दोषियों के खिलाफ केस दर्ज कराने की बात भी कही है।
अमेठी जिले के गौरीगंज की रहने वाली रूपा पुत्री रामदेव प्रजापति सांगीपुर इलाके के शुकुलपुर में कमासी प्रजापति के यहां रहती है। उसका दाखिला शुकुलपुर के राजकीय बालिका इंटर कालेज में व्यवसायिक वर्ग में कक्षा 11 में हुआ था। प्रवेश के बाद वह विद्यालय पढ़ने भी आने लगी। इस बीच सभी छात्राओं का पंजीकरण फार्म भराया गया, लेकिन लापरवाही के चलते उसका पंजीकरण नहीं भरा जा सका। पंजीकरण की अंतिम तारीख बीत जाने के चलते माध्यमिक शिक्षा परिषद ने वेबसाइट भी बंद कर दी। इससे उसका एक साल बर्बाद हो गया। शिक्षकों के माध्यम से छात्रा को भविष्य चौपट होने की जानकारी मिली तो उसके होश उड़ गए।
शुक्रवार को वह विद्यालय पहुंची और पंजीकरण कराने की बात कहने लगी। इस बात पर प्रधानाचार्या सरिता शुक्ला के निर्देश पर उसे कक्षा से बाहर निकाल दिया गया और विद्यालय आने पर भी पाबंदी लगा दी गई। छात्रा विद्यालय के बाहर निकलकर बिलखने लगी। लोगों ने पूछा तो आरोप लगाया कि प्रधानाचार्या ने कई बार उसे धमकाया भी कि अगर उसने ट्रेड नहीं बदला तो वह स्वयं जिम्मेदार होगी। आरोप है कि उनकी बात नहीं मानने पर जानबूझ कर उसका पंजीकरण नहीं भर सका और उसका एक साल चौपट हो गया। उधर प्रधानाचार्या सरिता शुक्ल ने बताया कि छात्रा का प्रवेश हुआ था, लेकिन स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) जमा नहीं करने से पंजीकरण नहीं कराया जा सका। कई दिनों से छात्रा स्कूल भी नहीं आ रही थी।