सदर विकास खंड के पूरेरायजू में पेयजल योजना के निर्माण में 19 लाख रुपये के घपले में आरोपी बनाए गए ठेकेदार देशराज सिंह को सीजेएम कोर्ट में पेश करने के बाद जिला कारागार भेज दिया गया। नगर कोतवाली पुलिस ने फरार ठेकेदार पर 20,000 रुपये का ईनाम भी घोषित कर रखा था।
सदर विकास खंड के पूरेरायजू में पेयजल इकाई के निर्माण में रुपये की बंदरबांट करने वाले जलनिगम के अफसरों पर शिकंजा कसने के बाद शुक्रवार को आरोपी ठेकेदार देशराज सिंह को गिरफ्तार कर जिला कारागार भेज दिया गया। सीतापुर जिले के टोल प्लाजा पर एसटीएफ लखनऊ ने बृहस्पतिवार की शाम ठेकेदार को दबोच लिया था, मगर कानूनी कार्रवाई को पुख्ता करने के लिए पुलिस आरोपी ठेकेदार की गिरफ्तारी कोहंड़ौर बाजार से शुक्रवार दोपहर 12:10 बजे दिखा रही है। आरोपी ठेकेदार को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। यहां से 14 दिन के न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जेल भेजने के पहले एसपी संतोष कुमार सिंह ने आरोपी ठेकेदार को मीडिया के सामने पेश किया। एसपी ने बताया कि पांच अप्रैल को नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। तब से आरोपी छिपकर भाग रहा था। उन्होंने बताया कि इसी मुकदमे में जलनिगम अधिशासी अभियंता सहित तीन आरोपी पहले से जेल में हैं। इधर, आरोपी ठेकेदार देशराज सिंह ने मीडिया के सामने कहा कि पेयजल इकाई के लिए 57 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे, जबकि अभी तक मात्र 38 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक विधायक के इशारे पर मुझे फर्जी फंसाया जा रहा है।