शहर की हर गली व मोहल्ला आग के मुहाने पर बैठा हुआ है। संकरी गलियों में स्थापित फैक्ट्री व व्यापारियों के गोदाम के चलते गर्मी में ऐसी घटनाएं कभी भी हो सकती हैं। जिससे लोगों का जीवन संकट में फंस सकता है लेकिन व्यवसाय के आगे व्यापारी अपनी व परिवार के लोगों की जिंदगी दांव पर लगाने से बाज नहीं आते।
शहर की आबादी भले ही 76 हजार है लेकिन बीच शहर में बस्ती में भी कारोबारी अपना धंधा संचालित करते हैं। सोमवार की सुबह कारोबारी दिनेश कसौधन के रिहायशी मकान के गोदाम में लगी आग ने पोल खोलकर रख दी। लोगों की मानें तो चौक से लेकर पंजाबी मार्केट में व्यवसाय करने वाले कारोबारी अपना गोदाम या तो आवास में बना रखे हैं या फिर रिहायशी मकानों को किराए पर ले रखा है। वहीं सामानों को स्टोर करके दुकान पर भेजते हैं और दूसरे स्थानों पर भी पहुंचाते हैं। इसके अलावा बेगमवार्ड, पल्टन बाजार, सिप्तैन रोड, पल्टन बाजार, में ऐसे कारोबार हो रहे हैं। जिससे बस्ती के लोगों के जीवन पर संकट मंडराता रहता है। बेगमवार्ड, जीजीआईसी के पीछे कारोबारी गिरीराज के गोदाम में लगी आग के बाद भी प्रशासन ने ऐसे स्थानों की सूची तैयार कराने की पहल की लेकिन बाद में इस कार्रवाई पर विराम लग गया। प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ सकता है। एसडीएम सदर एसपी सिंह कहते हैं रिहायशी मकानों में गोदाम बनाना गलत है। रिहायशी मकानों में गोदाम बनाने वालों की नए सिरे से सूची बनाई जाएगी। ताकि ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जा सके।