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ीसरे दिन भी स्कूल नहीं आई शिक्षिकाएं, सिर्फ 15 छात्र पहुंचे

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उदयपुर। कक्षा में छात्रों को पढ़ाने के दौरान लूट की शिकार शिक्षिका तीसरे दिन भी विद्यालय नहीं आई। छात्रों की संख्या भी घटकर पंद्रह हो गई। दूसरे स्कूल से शिक्षक को भेजकर शिक्षण कार्य कराया जा रहा है। लूट का खुलासा नहीं होने पर शिक्षकों ने आंदोलन का ऐलान कर दिया है। बदमाशों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो शिक्षक स्कूलों में तालाबंदी करेंगे।
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उदयपुर थाना क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सेमरा में सोमवार को कक्षा में पढ़ाते समय तमंचा सटाकर शिक्षिका प्रभावती सरोज की चेन लूट ली गई थी। मामले में तीन बदमाशों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज किया गया। शिक्षक संघ के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने चौबीस घंटे के भीतर बदमाशों की गिरफ्तारी करने का आश्वासन देकर लोगाें को शांत कराया। घटना के बाद भय के चलते पीड़ित शिक्षिका समेत विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापिका साधना ने अवकाश ले लिया। लेकिन घटना के तीसरे दिन भी बदमाशों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो पहले से घबराई दोनों शिक्षिकाओं ने अवकाश की अवधि बढ़ाने का प्रार्थना पत्र भेज दिया। इससे बुधवार को विद्यालय का ताला नहीं खुला। इसकी जानकारी होने पर अफसरों ने दूसरे स्कूल से शिक्षकों को सेमरा भेजकर विद्यालय का ताला खुलवाया। घटना के बाद से छात्रों की संख्या घटती जा रही है। मंगलवार को 35 छात्र पढ़ने आए थे, लेकिन बुधवार को सिर्फ 15 छात्र ही स्कूल पहुंचे। जबकि 76 विद्यार्थी सेमरा प्राथमिक विद्यालय में पंजीकृत हैं।

उधर घटना का खुलासा नहीं होने पर सांगीपुर विकास खंड के शिक्षकों में आक्रोश है। पुलिस पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए शिक्षकों ने प्राथमिक विद्यालय देवापुर में गिरफ्तारी की मांग को लेकर नारेबाजी की। यहां संतोष तिवारी, शैलेंद्र सिंह, अंकुर सिंह, अजय तिवारी, धीरज कुमार, राहुल, रमाशंकर पांडेय, श्रीकृष्ण पांडेय, कमला सिंह, धर्मेंद्र सिंह, सच्चिदानंद दुबे, संतोष मिश्रा आदि ने विरोध व्यक्त किया। प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष धर्मेंद्र शुक्ल ने ऐलान किया कि तीनों बदमाशों की गिरफ्तारी शीघ्र नहीं हुई तो विद्यालयों में शिक्षण कार्य का बहिष्कार करते हुए तालाबंदी की जाएगी। वहीं खंड शिक्षाधिकारी, सांगीपुर सुशील सिंह का कहना है कि दोनों शिक्षिकाएं लूट की घटना से सहम गई हैं। घटना का खुलासा नहीं होने के चलते शिक्षिकाओं ने अवकाश बढ़ाने की स्वीकृति मांगी है। उनकी मनोदशा को देखते हुए अवकाश स्वीकृत किया गया है। अन्य विद्यालयों से शिक्षकों को भेजकर शिक्षण कार्य कराया जा रहा है।
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