दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में हुए धार्मिक जलसे में जिले के तीन लोग भी शामिल हुए थे। जिसमें से मानधाता के रहने वाले दो लोगों का दिल्ली के एक अस्पताल में उपचार चल रहा है, जबकि शहर के एक व्यक्ति की तलाश जारी है। हालांकि उसके भी दिल्ली में ही होने की चर्चा हो रही है। जानकारी मिलने के बाद परिजन भी खौफजदा हैं। पुलिस सभी का ब्योरा जुटा रही है।
मानधाता थाना क्षेत्र के रामपुर बंतरी निवासी फैजुलउद्दीन पुत्र मोहम्मद रईस और दारापुर के रहने वाले हाजी मोहम्मद सलीम पुत्र चांद अली तब्लीगी जमात में शामिल होने के बाद 40 दिन के लिए चिल्ले पर निकले थे। उनके साथ शहर के सुगाही बाजार पड़ाव के रहने वाले शमीम भी थे। तीनों आठ फरवरी को जालंधर के लिए रवाना हुए थे। 23 मार्च को सभी को घर लौटना था।
इस बीच सभी दिल्ली में स्थित जमात के मरकज निजामुद्दीन पहुंच गए। वहां आयोजित धार्मिक जलसे में शामिल हुए। पुलिस के अनुसार घर आने से पहले ही देश में लॉकडाउन के चलते आवागमन पर रोक लग गई, जिससे सभी मरकज निजामुद्दीन में ही रुक गए। सोमवार को फैजुलउद्दीन और मोहम्मद सलीम को दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनकी जांच की जा रही है।
सोमवार को ही दोनों के परिजनों को मामले की जानकारी हो गई थी। हालांकि उनका मोबाइल नंबर बंद है। जिसके चलते किसी से उनका संपर्क नहीं हो सका। इधर सुगाही बाग के रहने वाले शमीम की खोजबीन पुलिस करती रही। उसके बारे में कोई कुछ भी बता नहीं पा रहा है। हालांकि यह चर्चा है कि वह भी दिल्ली में ही रुका है। मानधाता थानाध्यक्ष ने बताया कि दोनों अभी दिल्ली के किसी अस्पताल में हैं। नगर कोतवाल ने बताया कि शमीम नाम के व्यक्ति की तलाश की जा रही है।
तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों से ली गई जानकारी
दिल्ली के तब्लीगी जमात के धार्मिक स्थल से आने वाले लोगों की खोजबीन के लिए एलआईयू को लगाया गया है। वे अपने स्तर से सभी के बारे में पता लगा रहीं हैं। धर्म की जानकारी देते हुए सभी को नेक राह व इस्लाम के अरकानों पर चलने के लिए प्रेरित करने के लिए तब्लीगी जमात काम करती है। शहर के मरकज के प्रबंधक से एलआईयू जमात से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाती रही। इसके अलावा खुफिया इकाई दिल्ली जाने वाले लोगों के बारे में भी छानबीन करती रही।
दारापुर व रामपुर बंतरी में पसरा सन्नाटा
जमात में 40 दिन निकले मानधाता के रामपुर बंतरी निवासी फैजुलद्दीन व दारापुर के हाजी सलीम के अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही गांवों में सन्नाटा पसर गया। हर कोई कोरोना की फैल रही बीमारी को लेकर चर्चा करने लगा। हालांकि अभी दोनों के बारे में कोई अधिक जानकारी नहीं मिल सकी है। लॉकडाउन के चलते दिल्ली में रहने वाले करीबी लोग भी अस्पताल नहीं जा पा रहे हैं।