अफसरों की सख्ती के बावजूद कोटेदार उपभोक्ताओं को नि:शुल्क चावल बांटने को तैयार नहीं है। कोई मशीन खराब होने का बहाना कर रहा है तो कोई नेटवर्क गायब होने की बात कहकर लोगों को लौटा रहा है। अधिकांश कोटेदार शाम को छह बजे के बाद राशन बांट रहे हैं।
देर से राशन बांटने के पीछे राज यह है कि अगर कोई व्यक्ति फोन से शिकायत करता है तो अधिकारी नहीं पहुंच पाएंगे। जबकि जिले में 24,41,364 यूनिट के लिए 1,22,068 क्विंटल चावल कोटेदारों को दिया गया है। तीन दिन में सिर्फ 47 प्रतिशत चावल का वितरण किया गया है।
जिले के 5,84,764 राशनकार्डधारकों को नि:शुल्क चावल बांटने में कोटेदार और पूर्ति निरीक्षक मिलकर खेल कर रहे हैं। प्रति यूनिट पांच किग्रा की दर से चावल का वितरण किया जाना है। जिले के 1354 कोटेदारों को 1,22,068 क्विंटल चावल दिया गया है, मगर कोटेदार वितरण में पूरी तरह मनमानी बरत रहे हैं। कोई एक यूनिट पर चार किग्रा राशन दे रहा है तो कोई अगूंठा लगवाकर लौटा दे रहा है।
शहर के घोसियाना वार्ड में चावल नहीं बांटने की शिकायत डीएम तक पहुंची। कोटेदार ने ई-पॉस मशीन खराब होने की बात कहकर अपना बचाव किया। बेलखरनाथधाम के नानकार के कोटेदार पर एक यूनिट पर चार किग्रा ही चावल देने का आरोप है। कोटेदारों की मनमानी का आलम यह है कि 15 अप्रैल से हो रहे वितरण में अभी तक मात्र 47 प्रतिशत उपभोक्ताओं को ही राशन मिला है। जबकि सामान्य दिनों में यह प्रतिशत साठ के ऊपर होता था।
आवाज उठाने वाले कार्डधारकों की कम कर दी गई यूनिट
कोटेदारों का खेल देखिए। अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में जिन लोगों ने अधिक रुपये और कम राशन देने की शिकायत की थी, उनके कार्ड की यूनिट ही कम कर दी गई है। सदर विकास खंड के भीलमपुर ग्राम पंचायत के कोटेदार प्यारेलाल यादव ने गांव के राजेश कुमार, बीएल पटेल, मुकेश कुमार, राजेंद्र सरोज, सुनील यादव के राशनकार्ड की यूनिट कम कर दी है। इससे उपभोक्ता परेशान हैं।
उपभोक्ताओं से कोटेदार करता है अभद्रता
लक्ष्मणपुर विकास के ग्राम पंचायत खरगपुर का कोटेदार उपभोक्ताओं से अभद्रता करता है। गांव की ही विभा मिश्रा की शिकायत है कि जब वह दुकान पर राशन लेने गई तो कोटेदार ने राशनकार्ड फाड़कर फेंक दिया और बोला कि जिससे शिकायत करनी है, कर दो।
अप्रैल माह में 13 कोटेदारों पर हो चुका है मुकदमा
डीएम की सख्ती के चलते जिले के 13 कोटेदारों के खिलाफ सिर्फ अप्रैल माह में ही मुकदमा होने के साथ ही दुकानें निलंबित हो चुकी हैं। डीएम ने डीएसओ को स्पष्ट तौर पर चेताया है कि जो कोटेदार गड़बड़ी करता है, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। इसके बाद भी कुछ कोटेदारों का पूर्ति निरीक्षक बचाव कर रहे हैं। फिलहाल कंट्रोलरूम में प्रतिदिन ऐसी शिकायतें आ रही हैं।
जिले के सभी कोटेदारों को नि:शुल्क चावल बांटने के लिए मुहैया करा दिया गया है। कुछ कोटेदारों ने मशीन खराब होने की सूचना दी है। जहां वितरण नहीं हो रहा है, वहां जांच कराई जा रही है। दोषी मिलने पर निलंबन और एफआईआर दोनों होगा।
सुनील कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी