फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना ने रोका बच्चों का खेल, इस वर्ष नहीं होगी ब्लाक और जनपदीय खेल प्रतियोगिता

विज्ञापन
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सोलन में 56वीं वार्षिक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

इस साल कोरोना संक्रमण ने बच्चों का खेल रोक दिया है। संक्रमण के चलते  प्राइमरी, मिडिल और कस्तूरबा गांधी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की ब्लाक और जनपदीय प्रतियोगिता नहीं हो पाएगी। हालांकि शासन ने अप्रैल माह में ही 2.12 लाख रुपये का बजट जारी कर दिया है।

विज्ञापन



बेसिक शिक्षा विभाग में पढ़ने वाले प्राइमरी, मिडिल और कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में पढ़ने वाली बालिकाओं की खेल प्रतिभा को उभारने के लिए प्रति वर्ष ब्लाक और जिले स्तर पर प्रतियोगिताएं होती थीं।

जिले स्तर की प्रतियोगिता में सफल होने वाले बच्चों को मंडल और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने का मौका मिलता था। बालक-बालिका वर्ग में अलग-अलग होने वाली प्रतियोगिता में दौड़, कुश्ती, लंबी दौड़, ऊंचीकूद, भाला फेंक, डिस्कस थ्रो, वाद-विवाद प्रतियोगिता के साथ ही नृत्य और गायन की प्रतियोगिताएं होती थीं। मगर इस वर्ष कोरोना संक्रमण के चलते इन खेल प्रतियोगिताओं पर रोक लगा दी गई है। हालांकि शासन ने शिक्षासत्र के प्रारंभ होते ही अप्रैल माह में 2.12 लाख रुपये का बजट जारी किया था।
विज्ञापन



प्रतियोगिता कराने के लिए और बजट मिलना था, मगर कोरोना महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए 22 मार्च से बंद हुए स्कूलों को अभी तक नहीं खोलने का फैसला नहीं लिया गया है। स्कूलों के बंद रहने से शिक्षक भी बच्चों को खेलकूद का प्रशिक्षण नहीं दे पाएं हैं। फिलहाल, विभाग ने कोरोना काल घोषित करते हुए इस वर्ष प्रतियोगिता नहीं कराने का निर्णय लिया है।


स्कूलों में नहीं खुला खेल किट
जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में इस वर्ष भी खेल किट खरीदने के लिए रुपये मिले थे। हेडमास्टरों ने खेल किट खरीदा भी, मगर बच्चों के नहीं आने से अभी बोरी से बाहर नहीं निकला है। हालांकि शिक्षकों और बच्चों को स्कूल खुलने का बेसब्री से इंतजार है।


कोरोना की भयावह स्थिति को देखते हुए शासन ने स्कूलों को 31 दिसंबर तक बंद रखने का निर्देश दिया है। स्कूल खुलने के आसार अभी नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में खेलकूद प्रतियोगिता कराना ठीक नहीं होगा। अब अगले शिक्षासत्र में ही  प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। -अशोक कुमार सिंह, बीएसए

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें